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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रमजान के महीने में गुलमर्ग फैशन शो पर सियासत! विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा, CM उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

    By Agency Edited By: Rajiv Mishra
    Updated: Mon, 10 Mar 2025 01:33 PM (IST)

    Jammu and Kashmir Assemblyजम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में गुलमर्ग में हुए फैशन शो और कठुआ में तीन नागरिकों की हत्या को ले ...और पढ़ें

    गुलमर्ग फैशन शो और कठुआ मर्डर केस पर विधानसभा में हुआ हंगामा
    गुलमर्ग फैशन शो और कठुआ मर्डर केस पर विधानसभा में हुआ हंगामा

    HighLights

    1. फैशन शो पर विवाद के बाद सीएम अब्दुल्ला ने दिए हैं जांच के आदेश
    2. कठुआ में तीन नागरिकों के हत्या को लेकर भी गरमाया सदन

    पीटीआई, जम्मू। Jammu Kashmir Assembly Session: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विधानसभा में विधायकों ने कठुआ में नागरिकों की हत्या (Kathua Murder Case) और गुलमर्ग फैशन शो (Gulmarg Fashion Show) विवाद सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

    जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और दो निर्दलीय सदस्यों ने खड़े होकर फैशन शो का मुद्दा उठाया और इसे अश्लील करार दिया और आरोप लगाया कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

    'अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी'

    विधायकों ने रमजान के दौरान इस तरह के शो के आयोजन की जांच की मांग की। पीडीपी विधायक मीर मोहम्मद फैयाज ने मांग उठाई और एनसी विधायक तनवीर सादिक ने भी यह मुद्दा उठाया। रमजान के महीने में गुलमर्ग के शीतकालीन पर्यटन स्थल में आयोजित फैशन शो की व्यापक आलोचना हुई है।

    कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

    बीजेपी विधायकों ने उठाया ये मुद्दा

    बीजेपी विधायकों ने कठुआ में हत्याओं का मुद्दा उठाया, लेकिन सदन में प्रश्नकाल जारी रखने की जोरदार वकालत की। बिलावर के विधायक सतेश शर्मा ने कहा कि बिलावर में नागरिकों की हत्याओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय, इस कृत्य में शामिल लोगों को खत्म करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए।

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    25 मिनट से अधिक होती रही बहस

    बिलावर में एक शादी में भाग लेने के बाद 5 मार्च को घर लौटते समय लापता हुए तीन नागरिकों के शव शनिवार को कठुआ में बिलावर के ऊपरी इलाकों में एक जलाशय के पास बरामद किए गए।

    कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज ने कहा कि एक बच्चे की हत्या करना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। एनसी-कांग्रेस, पीडीपी और भाजपा के सदस्यों के बीच 25 मिनट से अधिक समय तक बहस होती रही।

    विधानसभा में स्पीकर ने क्या कहा?

    स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन को व्यवस्थित करने के लिए कई बार प्रयास किया और कहा कि वे प्रश्नकाल के बाद सदस्यों को समय देंगे, लेकिन व्यवधान जारी रहा। बाद में स्पीकर ने सदन को सूचित किया कि उन्हें कांग्रेस के निजामुद्दीन भट और एनसी विधायक रामेश्वर सिंह की ओर से दो स्थगन प्रस्ताव मिले हैं।

    उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव नागरिक हत्याओं और बानी विधायक रामेश्वर सिंह पर हमले के मुद्दे पर हैं। उन्होंने कहा कि नियम 59 के अनुसार, जब जांच का आदेश दिया जाता है तो सदन में बहस नहीं हो सकती। चूंकि उपराज्यपाल ने जांच का आदेश दिया है, इसलिए सदन में इस पर बहस नहीं हो सकती।

    इसी तरह, गुलमर्ग फैशन शो के संबंध में भी मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं, इसलिए सदन में इस पर चर्चा नहीं हो सकती। रामेश्वर सिंह पर हमले के बारे में राथर ने कहा, "हम इस मुद्दे की निंदा करते हैं। पूरा सदन इसकी निंदा करता है।"

    शनिवार देर रात बिलावर के एक स्थानीय अस्पताल में मृतकों के परिजनों से मिलने गए बानी विधायक पर प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हमला कर दिया। भाजपा के सतेश शर्मा ने विधायक पर अपने निर्वाचन क्षेत्र में इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "इस सदन को पीड़ितों को श्रद्धांजलि देकर एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए।"

    उमर अब्दुल्ला ने भी दिया बयान

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अगर विपक्ष के नेता को कठुआ में पीड़ितों के परिवारों से मिलने की अनुमति दी जा सकती है, तो सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए उपमुख्यमंत्री को परिवारों से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।

    संक्षिप्त प्रश्नकाल के बाद, विधायक शेख खुर्शीद, जिन्होंने सभी हत्याओं की निंदा की थी, को शोर मचाने के लिए सदन से बाहर निकाल दिया गया। मंत्री सकीना इट्टू ने विधानसभा के बाहर कहा कि गुलमर्ग की घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।

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