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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुंजवां जम्मू में दो आतंकियों को मार गिराने वाले केरिपुब के हवलदार रघुबीर सिंह को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक

    Updated: Thu, 31 Jul 2025 01:31 PM (IST)

    जम्मू के सुंजवां में 2022 में हुए आतंकी हमले में दो आतंकियों को मारने वाले सीआरपीएफ के हवलदार रघुबीर सिंह को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक मिला। गृह सचिव ...और पढ़ें

    मुठभेड़ में एक एएसआई एसपी पाटिल शहीद हो गए थे और तीन जवान घायल हुए थे।
    मुठभेड़ में एक एएसआई एसपी पाटिल शहीद हो गए थे और तीन जवान घायल हुए थे।

    HighLights

    1. 21 अप्रैल 2022 में सुंजवां जम्मू में एक घर में घुस आए थे आतंकवादी।
    2. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की बस पर ग्रेनेड हमला कर भागे थे आतंकी।
    3. हमले में बल के एएसआई एसपी पाटिल बलिदान हो गए थे।
    4. रघुबीर सिंह व उनके कमांडेंट पुनीत ने आतंकियों को मार गिराया था।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। जम्मू के सुंजवां में तीन साल पहले हुए आतंकी हमले में दो आतंकियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 166 बटालियन के हवलदार रघुबीर सिंह को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।

    हवलदार रघुबीर सिंह को यह राष्ट्रपति पुलिस पदक दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा भेंट किया गया। इस मौके पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस के महानिदेशक ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह व केरिपुब के अन्य कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

    आतंकवादी 21 अप्रैल 2022 में जम्मू के सुजवां इलाकों में सुबह पौने चार बजे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की बस पर हमला करने के बाद क्षेत्र में छिप गए थे। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस की 166 बटालियन की क्विक रिएक्शन भी आतंकियों के खिलाफ अभियान का हिस्सा बन गई थी।

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    सुबह अंधेरे में सुंजवां के जलालाबाद इलाके की घेराबंदी करने के बाद सुबह होते ही बड़े पैमाने पर तलाशी शुरू हो गई थी। इस दौरान छत पर मोर्चा संभालने वाले रघुबीर सिंह व उनके कमाडेंट पुनीत कुमार कोलधर ने एक घर के शौचायल में छिपे आतंकियों को बाहर निकलते ही उन पर गोलीबारी कर दी। इस गोलीबारी में दोनों आतंकी मारे गए थे।

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    राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित रघुबीर सिंह ने बताया कि अंधेरे में जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों के छिपे होने के स्थान का पता लगाना मुश्किल था। जिस इलाके में आतंकी देखे गए थे, उसके ठीक सामने हमने छत पर पोजीशन ली थी।

    इस दौरान सुबह होते ही जैसे ही आतंकियों ने बाहर निकलने की कोशिश की तो सटीक गोलीबारी से उन्हें वहीं पर गिराया गया था। अगर आतंकियों को उसी समय मारा नही जाता तो वे और नुकसान कर सकते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें व 166 बटालियन के उस समय के कमांडेंट को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित करने के लिए सिफारिश की गई थी। अब यह पदक कमांडेंट व उन्हें भेंट किया गया है।

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    इसी बीच अप्रैल 2022 में मारे गए दोनों आतंकवादी, आत्मघाती दस्ते का हिस्सा थे। उन्होंने सुबह पौने चार बजे जम्मू के सुजवां में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को ले जा रही बस पर ग्रेनेड फैंकने के बाद गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस हमले में बल के एएसआई एसपी पाटिल बलिदान हो गए थे। वहीं तीन जवान घायल हुए थे।

    यह मुठभेड़ में जम्मू में प्रधानमंत्री दौरे से कुछ दिन पहले हुई थी। इसके बाद आतंकवादियों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों का संयुक्त अभियान शुरू हो गया था। हमले के करीब पांच घंटों के अंदर दोनों अातंकी मार गिराए गए थे।