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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एफिल टावर से भी ऊंचे पुल पर दौड़ेंगी ट्रेनें, 30 साल की मेहनत साकार; कैसा रहा कश्मीर तक रेल लाने का सफर?

    By Agency Edited By: Prince Sharma
    Updated: Tue, 07 Jan 2025 08:23 PM (GMT+05:30)

    कश्मीर तक ट्रेन चलाने का सपना अब साकार होने जा रहा है। उत्तरी सर्कल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यू ...और पढ़ें

    Delhi to Kashmir Train: कश्मीर के लिए चलेगी वंदे भारत (जागरण फोटो)
    Delhi to Kashmir Train: कश्मीर के लिए चलेगी वंदे भारत (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. कटड़ा से श्रीनगर के लिए ट्रेन का परिचालन शुरू किया जाएगा
    2. चिनाब नदी के ऊपर बन आर्च पुल एफिल टावर से भी ऊंचा है
    3. यह चिनाब नदी के जल स्तर से 359 मीटर की ऊंचाई पर है

    पीटीआई, जम्मू। Train to Kashmir: अब वो दूर नहीं जब कश्मीर के लिए ट्रेन दौड़ना शुरू हो जाएंगी। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (उत्तरी सर्कल) दिनेश चंद देशवाल ने मंगलवार को उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट के साथ हाल ही में पूरी हुई रेलवे लाइन का दो दिवसीय का इंस्पेक्शन शुरू कर दिया।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने रियासी-कटड़ा खंड के पूरा होने की घोषणा की। करीब तीन दशकों के शानदार काम के बाद कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा।

    देशवाल की यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली से जम्मू रेलवे डिवीजन का वर्चुअल उद्घाटन करने के एक दिन बाद हुई है। इस डिवीजन ने भारत के बारामूला तक ट्रेन सेवाओं के कुशल प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त किया।

    आज फिर हुआ इंस्पेक्शन

    रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सीआरएस ने कटड़ा-रियासी सेक्शन का वैधानिक निरीक्षण किया और आज सुबह कटड़ा पहुंचने के तुरंत बाद रियासी जिले में भारत के पहले केबल-स्टेड रेल ब्रिज अंजी खड्ड पुल का भी दौरा किया।

    अधिकारियों ने कहा कि देशवाल बुधवार दोपहर सीआरएस स्पेशल द्वारा कटड़ा-बनिहाल के आने-जाने के स्पीड ट्रायल से पहले कौरी में चिनाब पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का दौरा करेंगे।

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    कैसा आई कश्मीर तक ट्रेन

    कश्मीर तक ट्रेन लाना वाकई एक बड़ी चुनौती थी। पिछले 30 वर्षों से कश्मीर तक रेल लाने का सफर जारी है। कटड़ा से बनिहाल तक रेलवे ट्रैक 111 किलोमीटर लंबा है, यह काफी चुनौतियों को पार कर बनाया गया है। कटरा से बनिहाल ट्रैक में कुल 37 पुल हैं। वहीं, श्रीनगर में भी 35 सुरंगें हैं। इनके निर्माण के लिए इंजीनियर से लेकर श्रमिकों तक, सभी ने कड़ी मेहनत की। पहले जहां जम्मू तक ट्रेन चलती थीं। इसका दायरा बढ़ाकर साल 2024 में कटड़ा (वैष्णो देवी) तक किया गया। इसके बाद कटड़ा और रियासी को जोड़ने का निर्माण कार्य जारी रहा। 

    उधमपुर से कटड़ा तक 25 किलोमीटर, बनिहाल से काजीगुंड 18 किलोमीटर और काजीगुंड से बारामूला के 118 किलोमीटर के तीन हिस्सों में रेल लाइन बिछाई गई, यहां ट्रेनें भी चलती हैं। इसके साथ ही अब कटड़ा से रियासी और रियासी से संगलदान और कटड़ा से संगलदान तक ट्रेन परिचालन पूरी तरह से शुरू होने वाला है।

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    चिनाब ब्रिज की खासियत

     'चिनाब ब्रिज' नाम का यह रेलवे पुल चिनाब नदी के जल स्तर से 359 मीटर ऊंचा है और इसकी लंबाई 1315 मीटर है। इस तरह ये पुल एफिल टावर से भी ऊंचा है। चिनाब नदी पर बने इस पुल का आर्च 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को झेलने में सक्षम है। पुल की लंबाई 1315 मीटर है। खंभों की संख्या 17 है संरचना में उपयोग किया है।

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