Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद बढ़ा डेंगू-चिकनगुनिया का खतरा, एक सप्ताह में 122 मामले दर्ज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

    Updated: Thu, 11 Sep 2025 01:39 PM (GMT+05:30)

    जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद डेंगू के मामलों में वृद्धि हो रही है एक सप्ताह में 122 नए मामले सामने आए हैं। जम्मू जिले में चिकनगुनिया के मामले भी दर्ज ...और पढ़ें

    लोगों को सतर्क रहने और अपने आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है
    लोगों को सतर्क रहने और अपने आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है

    राज्य ब्यूरो, जागरण, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं।एक सप्ताह में ही विभिन्न जिलों में डेंगू के 122 नए मामले सामने आ चुके हें।

    वहीं अब चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। हालांकि इसके मामले जम्मू जिले में ही दर्ज हुए हैं। डाक्टरों का कहना है कि मच्छश्र न पनपे, इसके लिए यह जरूरी है कि अपने आसपास पानी को एकत्रित न होने दें।

    स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में अभी तक डेंगू के कुल 330 मामले आए हैं। इनमें जम्मू जिला सबसे अधिक प्रभावित है।

    यह भी पढ़ें- जम्मू में 400 घंटों बाद भी गुलजार नहीं हुए उजड़े आशियाने, 17 दिन पहले तीन घंटों की बारिश ने मचाई थी हर तरफ तबाही

    जिले में 110 मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद कठुआ जिले में 96 मामले दर्ज हुए जबकि उधमपुर में 33, सांबा में 40, रियासी में 09, राजौरी में 17, पुंछ में 03, डोडा में 05, रामबन में 05 और कश्मीर में पांच मामले आए हैं।अन्य प्रदेशों से भी यहां पर सात मामले दर्ज हुए हैं। इसके अतिरिक्त चिकनगुनिया के भी छह मामले आ चुके हैं।

    स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बरसात के बाद इन दिनों पहले से ही डेंगू के मामले आने की आशंका रहती है। सितंबर और अक्टूबर महीनों में सबसे अधिक मामले आते हैं। इस बार जम्मू-कश्मीर के कई भागों में बाढ़ आने के कारण जगह-जगह पर जलभराव हुआ है।

    जम्मू में नगर निगम के साथ मिलकर पानी को तो हटाया ही गया है, मच्छर न पनपे इसके लिए विशेष फागिंग अभियान भी चलाया हुआ है।

    यह भी पढ़ें- कश्मीर के किसानों और फल व्यापारियों को रेलवे की सौगात: बडगाम से दिल्ली तक पार्सल ट्रेन सेवा शुरू

    उनका कहना है कि अभी भी अभियान जारी है। बीच-बीच में बारिश पड़ने के बाद जब धूप खिलती है तो मच्छर पनपने की आशंका बनी रहती है। इस कारण लोगों को स्वयं भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    लोगों को चाहिए कि वे स्वयं भी अपने आसपास या घरों में पानी को जमा न होने दें। पानी की टंकियों को खुला न छोड़े। गमलों को भी पानी स भर कर न रखे। इस मौसम में अपने पैरों और वाजुओं को एक कर रखें ताकि मच्छर आपको काट न सके।

    खबरें और भी

    आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष डेंगू के अब हजारों मामले सामने आते हैं। जम्मू, कठुआ, सांबा और उधमपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित रहता है। इस बार भी इन्हीं जिलों में सबसे अधिक मामले आ रहे हैं। ऐसे में इन जिलों के लोगों को और सतर्क होकर रहने की जरूरत है। 

    यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की फटकार: घाटी में बाढ़ की आशंका से निपटने के लिए प्रशासन 3 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें