Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    J&K Election: सात दशक बाद सच होने जा रहा सपना, विधानसभा चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे विस्थापित हिंदू

    Updated: Mon, 26 Aug 2024 09:40 AM (IST)

    जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव होगा। विधानसभा चुनाव में वोट डालने को लेकर लोगों में उत्साह नजर आ रहा है। वहीं पाकिस् ...और पढ़ें

    पहली बार वोट करेंगे पाकिस्थान से विस्थापित हिंदू (जागरण फोटो)
    पहली बार वोट करेंगे पाकिस्थान से विस्थापित हिंदू (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार होगा विधानसभा का चुनाव।
    2. इस बार पहली बार मतदान करेंगे पाकिस्तानी विस्थापित हिंदू।
    3. जम्मू कश्मीर का स्थायी निवासी होने 70 वर्ष तक किया संघर्ष।

    जागरण संवाददाता, जम्मू। देश के विभाजन के समय पाकिस्तान से जम्मू कश्मीर आने वाले विस्थापित हिंदू भी विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए बेहद उत्साहित हैं।

    विस्थापन के सात दशक बाद इनका अपनी सरकार चुनने के लिए वोट डालने का सपना सच होने जा रहा है। इन्होंने जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासी होने का हक पाने के लिए 70 वर्ष तक संघर्ष किया। इस बार पहली बार वे विधानसभा चुनाव में मतदान करेंगे।

    370 हटने के बाद स्थायी निवासी बन गए थे विस्थापित हिंदू

    वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद पाकिस्तानी विस्थापित हिंदू जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासी बन गए थे। इससे उनको विधानसभा में वोट डालने का अधिकार मिल गया। अनुच्छेद 370 की वजह से ये लोग जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासी नहीं बन पाए थे। इसलिए इस अनुच्छेद के खत्म होने के बाद पाकिस्तान से आए हिंदुओं को भी सभी अधिकार मिलने लगे हैं।

    वर्ष 1947 में हम लोग पाकिस्तान से विस्थापित होकर जम्मू कश्मीर में शरण लेने आए थे। हमें यहां शरण मिली, लेकिन स्थायी नागरिक नहीं बन पाने से विधानसभा चुनाव में हम वोट नहीं डाल सकते थे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद हम बाहरी नहीं जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासी बन गए हैं। ऐसे में इस बार हम पहली बार विधानसभा चुनाव में मतदान करेंगे। ऐसे प्रत्याशी का विधानसभा में भेजेंगे, जो हमारी समस्याओं का समाधान करवाए।

    -बलकार सिंह, जाफरे चक, मढ़

    यह भी पढें- Jammu Kashmir Election 2024: आज आएगी BJP उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हुआ फैसला

    वोट डालने का हक सपने के सच होने जैसा

    इसमें विधानसभा में वोट डालने का हक मिलना, उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। इस समय जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी विस्थापित परिवारों की संख्या 20 हजार से ज्यादा है। ऐसे में किसी प्रत्याशी की जीत-हार में इनकी बहुत बड़ी भूमिका होगी। अब ये लोग न सिर्फ वोट डाल सकते हैं वरन अपने प्रत्याशी भी खड़े कर सकते हैं। इन लोगों में वोट डालने को लेकर अपार खुशी देखी जा रही है। घरों में खुशियां हैं।

    खबरें और भी

    जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के चलते पहले हमें वोट डालने का अधिकार नहीं था। इसलिए तब चुनाव के समय कोई नेता हमारे पास नहीं आता था। यहां तक की हमारी उपेक्षा की जाती थी। जब से अनुच्छेद 370 हटा है, विभिन्न पार्टियों में हमारी भी पूछ होने लगी है, क्योंकि हम उनके लिए वोट बैंक हैं। इस बार हम लोग पहली बार विधानसभा चुनाव में वोट डालेंगे। यह हमारे लिए बेहद खुशी का मौका है।

    -ऋषि खजुरिया, चट्ठा गुजरां

    यह भी पढ़ें- J&K Election 2024: कासिम चौधरी समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल, रविन्द्र रैना ने पार्टी मुख्यालय में किया स्वागत