'सदन किसी की जागीर नहीं...', जम्मू-कश्मीर विधानसभा में स्वैग के साथ पहुंचे आप MLA; काला चश्मा-टोपी पहनकर दी स्पीच
आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक आठ महीने बाद विधानसभा पहुंचे और बिजली बिल माफी योजना पर पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति न मिलने पर हंगामा किया।

आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक (फाइल फोटो)
HighLights
मेहराज मलिक आठ माह बाद विधानसभा में अनोखे अंदाज में पहुंचे
बिजली बिल माफी योजना पर पूरक प्रश्न न पूछने देने पर हंगामा
स्पीकर और सदस्यों से नोकझोंक के बाद सदन से वॉकआउट किया
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जनसुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग आठ माह तक जेल में बंद रहने के बाद मंगलवार को विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक कुछ अलग अंदाज में पहुंचे। उन्होंने काला चश्मा, टॉपी और टी-शर्ट पहनी हुई थी।
उन्होंने विधानसभा में बिजली बिल माफी योजना से जुड़े पूरक सवाल पूछने की अनुमति नहीं मिलने पर हंगामा करते हुए वाकआउट कर दिया। इस दौरान उनकी स्पीकर और सत्तापक्ष के कई सदस्यों के साथ नोकझोंक हुई।
कहा- सदन किसी की जागीर नहीं
उनका कहना था कि सदन किसी की जागीर नहीं है। इससे पहले उनकी टिप्पणियों पर स्पीकर ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि मैं इस तरह के आचरण को बर्दाश्त नहीं करूंगा और सभी सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
बता दें कि अप्रैल 2025 में जन सुरक्षा अधिनियम के तहत बंदी रहने पर मेहराज पिछले वर्ष शरदकालीन सत्र में शामिल नहीं हो पाए थे।
Today my speech in JK Assembly pic.twitter.com/oifiA5dr8X
— Mehraj Malik (@MehrajMalikAAP) September 22, 2026
वह लगभग डेढ़ वर्ष बाद सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जब भाजपा विधायक विक्रम रंधावा के बिजली बिल एमनेस्टी संबंधी सवाल का जवाब देकर अपने स्थान पर बैठे ही थे कि आप विधायक ने इसी मुद्दे पर एक पूरक प्रश्न उठाया। स्पीकर ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।
वैल की तरफ जाने का किया प्रयास
इस बीच सत्ताधारी दल के विधायक हसनैन मसूदी और नजीर अहमद गुरेजी ने भी मेहराज से कहा कि अगला प्रश्न पूछा जा रहा है, आप बैठें, लेकिन वह अड़े रहे।
इस पर उनकी गुरेजी से तीखी बहस हुई। मेहराज ने अपनी सीट से उठकर आगे वैल की तरफ जाने का प्रयास किया, लेकिन मार्शलों ने उन्हें रोक लिया।
स्पीकर ने कई बार उन्हें अपनी सीट पर लौटने को कहा, लेकिन वह अड़े रहे। कांग्रेस विधायक चौधरी इफ्तिखार अहमद और अवामी इत्तिहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद ने भी उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर अध्यक्ष ने मलिक को उचित व्यवहार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पूरक सवाल केवल वही सदस्य पूछ सकते हैं, जिन्होंने मूल सवाल उठाया हो।
