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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Fake Crypto Currency: लद्दाख में नकली क्रिप्टो करेंसी मामले में ED का एक्शन, संचालकों के ठिकानों से जब्त किए एक करोड़ रुपये

    Updated: Sun, 04 Aug 2024 10:57 PM (IST)

    लद्दाख में ईडी ने नकली क्रिप्टोकरेंसी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अगस्त को छह जगह छापेमारी की थी। इस मामले में ईडी ने बताया कि फर्जी क्रिप्टो ...और पढ़ें

    नकली क्रिप्टोकरेंसी मामले में लद्दाख में ED ने जब्त किए एक करोड़ रुपये (सांकेतिक)।
    नकली क्रिप्टोकरेंसी मामले में लद्दाख में ED ने जब्त किए एक करोड़ रुपये (सांकेतिक)।

    HighLights

    1. नकली क्रिप्टोकरेंसी बेचकर लगाया सात करोड़ का चूना
    2. लद्दाख में ईडी ने एक करोड़ की राशि की जब्त

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख में ईडी ने नकली क्रिप्टोकरेंसी बेच कर लोगों को सात करोड़ का चूना लगाने के मामले में फिर छापेमारी की है। फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश कंपनी के संचालकों के ठिकानों से एक करोड़ रुपये की राशि और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।

    10 महीने में निवेश दोगुना करने का झांसा देते थे आरोपी

    ईडी ने रविवार को कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रविधानों के तहत दो अगस्त को हरियाणा के सोनीपत, लेह और जम्मू छह जगहों पर छापे मारे थे। ईडी ने एक बयान में कहा कि लेह के लोगों को एमोलिएंट क्वाइन नामक नकली क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के माध्यम से 10 महीने की छोटी अवधि में उनके निवेश को दोगुना करने का झांसा दिया था।

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    ईडी के अनुसार, नकली क्रिप्टोकरेंसी का प्रचार सोनीपत के नरेश गुलिया ने एमोलिएंट क्वाइन लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से किया था। लेह में व्यापार को जम्मू के अजय चौधरी और चरणजीत सिंह उर्फ चुन्नी और लेह के अतीउल रहमान मीर ने बढ़ावा दिया।

    मार्च 2020 में दर्ज किया गया था मामला

    उन्होंने निवेशकों को आश्वासन दिया था कि उनका निवेश 10 महीने में दोगुना हो जाएगा और नकली क्रिप्टो मुद्रा की मार्केटिंग करने पर उन्हें एक निश्चित प्रतिशत कमीशन मिलेगा। मनी लांड्रिंग की जांच पुलिस ने मार्च 2020 में दर्ज की गई एफआईआर से शुरू की।

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    एक करोड़ की नकदी की जब्त- ईडी

    ईडी ने कहा कि आरोपियों द्वारा विभिन्न अचल संपत्तियों और परिसंपत्तियों की खरीद के लिए उपयोग किया। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेजों, संपत्ति के दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों के अलावा एक करोड़ की नकदी जब्त की गई। हालांकि इसमें यह नहीं बताया गया कि किस स्थान या परिसर से नकदी और दस्तावेज जब्त किए गए।

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