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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के बाद भी प्रदेश में नहीं दिख रहा बदलाव, शिवसेना बोली वादों को नहीं किया पूरा

    By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
    Updated: Fri, 29 Sep 2023 10:00 PM (IST)

    शिवसेना जम्मू कश्मीर ने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद भी प्रदेश में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी ने कहा कि सरकार ने जो ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के बाद भी प्रदेश में नहीं दिख रहा बदलाव
    जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के बाद भी प्रदेश में नहीं दिख रहा बदलाव

    जागरण संवाददाता, जम्मू । शिवसेना जम्मू कश्मीर (Shivsena Jammu Kashmir) ने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद (Removal of 370) भी प्रदेश में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, उसको पूरा नहीं किया। उल्टे जम्मू के युवाओं के साथ बेइंसाफी हो रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।

    युवाओं के लिए नौकरियों का कोटा भी सुरक्षित नहीं रहा

    उन्होंने कहा कि पहले जम्मू कश्मीर की नौकरियों पर यहीं के युवाओं का हक था। नौकरियां यहां के लोगों के लिए सुरक्षित थीं। मगर अब एक तो नौकरियां ही नहीं हैं, दूसरी ओर अब जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए नौकरियों का कोटा भी सुरक्षित नहीं रहा। ऐसे में जम्मू कश्मीर खासकर जम्मू के युवा कहां जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। साहनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को बौना सा बना दिया है। पहले ही लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग कर दिया गया।

    जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली की जानी चाहिए

    जम्मू कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बना दिया और राज्य का दर्जा भी छीन लिया गया। आज हालत यह है कि जम्मू कश्मीर में लोगों की चुनी हुई सरकार नहीं है। इससे लोगों के कामकाज नहीं हो पा रहे हैं। साहनी ने कहा कि अब सरकार जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने से क्यों पीछे हट रही है। जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली की जानी चाहिए।