न यूरिया-ना केमिकल खाद, जम्मू के किसान सतीश भारती 25 साल से ऐसे कर रहे खेती; कृषि अफसर भी हुए फैन
बिश्नाह के किसान सतीश भारती 25 वर्षों से केंचुआ खाद का उपयोग कर जैविक खेती कर रहे हैं और दूसरों ...और पढ़ें

किसान सतीश भारती जैविक खेती से बन रहे प्रेरणा।
HighLights
सतीश भारती 25 वर्षों से केंचुआ खाद से जैविक खेती कर रहे हैं।
तीन एकड़ भूमि पर विभिन्न जैविक सब्जियां उगाकर दूसरों को प्रेरित करते।
रासायनिक खेती छोड़ पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाने की सलाह देते हैं।
जागरण संवाददाता, बिश्नाह। जहां आज खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, वहीं बिश्नाह के वार्ड नंबर 8 में किसान सतीश भारती जैविक खेती को अपनाकर दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। वह अपनी तीन एकड़ भूमि पर जैविक तरीके से विभिन्न सब्जियों और अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं। साथ ही आसपास के किसानों को भी जैविक खेती के प्रति जागरूक कर इसके फायदे बता रहे हैं।
सतीश भारती ने अपने खेतों में आलू, पालक, मटर, शलगम और विभिन्न प्रकार के साग सहित कई सब्जियां उगाई हैं। इन फसलों में वह मुख्य रूप से केंचुआ खाद और स्वयं तैयार की गई जैविक खाद का इस्तेमाल करते हैं।
उनकी उपलब्धि को देखने कई बार कृषि विभाग के अधिकारी भी पहुंच चुके है। उनका मानना है कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण फसल प्राप्त की जा सकती है।
25 साल से केंचुआ खाद के भरोसे कर रहे खेती
किसान सतीश भारती ने बताया कि वह पिछले करीब 25 वर्षों से केंचुआ खाद तैयार कर उसी के माध्यम से खेती कर रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खाद, यूरिया और कीटनाशकों के इस्तेमाल से दूरी बनाई हुई है। उनका कहना है कि रासायनिक खादों और कीटनाशक दवाइयों का अत्यधिक इस्तेमाल मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो सकती है। किसानों को चाहिए कि वे धीरे-धीरे रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।
जैविक खेती अपनाकर मिसाल पेश कर रहे सतीश भारती
सतीश भारती का प्रयास क्षेत्र के किसानों के लिए एक मिसाल बन रहा है। उनका मानना है कि यदि किसान प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करें और जैविक खेती को अपनाएं तो खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।