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दिल्ली अग्निकांड से सबक: जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में होटलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, डिवकॉम ने दिए सख्त निर्देश

By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
Published: Fri, 05 Jun 2026 01:21 PM (IST)Updated: Fri, 05 Jun 2026 01:45 PM (IST)

दिल्ली अग्निकांड से सबक लेते हुए, जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने संभाग के सभी होटलों और गेस्ट हाउसों के सुरक्षा ...और पढ़ें

जम्मू संभाग में होटल-गेस्ट हाउस में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी अब नहीं चलेगी।

जम्मू संभाग में होटल-गेस्ट हाउस में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी अब नहीं चलेगी।

HighLights

  1. दिल्ली अग्निकांड के बाद जम्मू में सुरक्षा ऑडिट।

  2. डिवकॉम रमेश कुमार ने दिए सख्त निर्देश।

  3. अमरनाथ यात्रा हेतु श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित।

जागरण संवाददाता, जम्मू। दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में आग लगी थी और कुछ देर में ही होटल में ऊपर की तरफ फैल गई।

इस भीषण अग्निकांड के बाद दैनिक जागरण ने अपने वीरवार के संस्करण में जम्मू शहर की तंग गलियों में नियमों को ताक पर रखकर चल रहे होटलों-गेस्ट हाउस व रेस्तरां से बने खतरे को उजागर किया था। इसका संज्ञान लेते हुए जम्मू के डिवीनल कमिश्नर रमेश कुमार ने पूरे जम्मू संभाग में होटलों-गेस्ट हाउस का सुरक्षा आडिट करने के निर्देश दिए है। डिवीनल कमिश्नर रमेश कुमार ने सभी दस जिलों के डिप्टी कमिश्नर को उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर फायर आडिट करने का निर्देश दिया है।

आदेशानुसार हर जिले में पांच सदस्यीय कमेटी गठित होगी जो दैनिक स्तर पर अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें एक मजिस्ट्रेट, पर्यटन विभाग, अग्निशमन विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग का एक-एक अधिकारी होगा और एसडीआरएफ का एक प्रतिनिधि होगा। आदेश में कहा गया है कि जम्मू में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होेता है और तीन जुलाई से वार्षिक अमरनाथ यात्रा भी आरंभ हो रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हर होटल-गेस्ट हाउस का फायर सेफ्टी आडिट किया जाएगा।

अग्निशमन दल का पहुंचना भी मुश्किल

बता दे कि जम्मू में नामी होटल एंड रेस्तरां तो नियमों का सामान्य तौर पर पालन कर रहे हैं लेकिन पुराने शहर की तंग गलियों में चल रहे होटल व रेस्तरां आज भी आग से खेल रहे हैं। इनमें आग लगने की घटनाओं से निपटने के पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं। ये पूरी तरह से भगवान भरोसे चलाए जा रहे हैं। कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां आग लगने की सूरत में अग्निशमन दल का पहुंचना भी मुश्किल है।

जम्मू जिले में पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत होटलों की कुल संख्या 301 है जिनमें से 254 होटल एवं लाज की श्रेणी में आते हैं। इन होटल एंड लाज में से 218 के करीब होटल एवं लाज शहर के ज्यूल चौक, रेजिडेंसी रोड, गुम्मट, प्रेम नगर, तालाब खट्टीकां, गुज्जर नगर आदि क्षेत्रों में हैं, जो ज्यादातर तंग एवं संकरी गलियों में हैं। इन अधिकांश होटलों व लाज में रेस्तरां चल रहे है और दिल्ली के फ्लरिश स्टे होटल की तरह यहां भी अधिकतर होटल व लाज की बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर में ही रेस्तरां चल रहे हैं।

अधिकांश में आने-जाने का एक ही रास्ता है। औपचारिकताएं पूरी करने के लिए यहां अग्निशमन यंत्र लगे है लेकिन अगर भविष्य में कभी इन होटल या रेस्तरां में आग लगने की कोई अनहोनी घटना घट जाए तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का घटनास्थल पर पहुंचना नामुमकिन होगा। हालांकि, फायर एंड इमरजेंसी विभाग के पास आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त मात्रा में अग्निशमन संयंत्र उपलब्ध हैं, लेकिन तंग गलियों की बेबसी के आगे यह सभी इंतजाम नाकाफी सिद्ध होते हैं।

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