यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir News: 'रियासत का दर्जा वापस दो', जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने की मांग पर अडिग युवा राजपूत सभा
बीते सोमवार आर्टिकल 370 (Article 370) के निरस्तीकरण को पांच साल हो गए। कुछ लोगों ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया तो कुछ लोगों ने इस दिवस पर जम ...और पढ़ें

HighLights
- राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग पर वाईआरएस ने निकाली रैली
- वाईआरएस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दिया जाए रियासत का दर्जा
- वाईआरएस ने कहा कि वे आंदोलन और तीव्र करेंगे
पीटीआई, जम्मू। राजपूतों के एक प्रमुख गैर-राजनीतिक संगठन युवा राजपूत सभा (वाईआरएस) ने जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को यहां एक रैली निकाली।
बीते सोमवार अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण करने की पांचवीं वर्षगांठ के एक दिन बाद यह रैली निकाली गई है।कांग्रेस और पीडीपी सहित विपक्षी दलों ने जहां अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की पांचवीं वर्षगांठ को 'काला दिवस' के रूप में मनाया और विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, भाजपा ने जम्मू और कश्मीर के दोनों क्षेत्रों में रैलियां आयोजित करके इस दिन को उत्सव की तरह मनाया।
वाईआरएस के सैकड़ों कार्यकर्ता अपने अध्यक्ष राजिंदर सिंह के नेतृत्व में शहर के बीचोंबीच तवी पुल के पास अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और बाद में 'रियासत का दर्जा वापस दो' जैसे नारे लगाते हुए पैदल तवी पुल पार करते हुए विक्रम चौक तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
यह भी पढ़ें- Mata Vaishno Devi: मां वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर लगी आग, श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पड़ा असर
जम्मू भर में विरोध प्रदर्शन हुआ तेज
प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी भी थी, जो बाद में शांतिपूर्ण तरीके से तितर-बितर होने से पहले शुरुआती बिंदु पर लौट आई।
उन्होंने कहा कि वाईआरएस ने केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकप्रिय मांग को स्वीकार करने के लिए मजबूर करने के लिए आने वाले दिनों में जम्मू भर में विरोध प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया है।
वीईआरएस अध्यक्ष राजिंदर सिंह ने कहा...
हम महाराजा हरि सिंह की जयंती (23 सितंबर) पर एक साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। आज हम शपथ ले रहे हैं कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल करने की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे।
रैली के कारण तवी पुल की एक ट्यूब बंद हो गई, जिससे शहर में भारी ट्रैफिक जाम हो गया, जबकि पुलिस ने यातायात को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट कर दिया।
वाईआरएस के पूर्व अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने कहा...
हमारी एकमात्र मांग राज्य का दर्जा बहाल करने के साथ-साथ हमारे अधिकारों की है। हमें (विधानसभा) चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है और हम अपने खून की आखिरी बूंद तक लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे। हम डंडे लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि डोगराओं ने अपने शासन के दौरान राज्य की सीमाओं को बढ़ाने के लिए बहुत सारे बलिदान दिए हैं।
यह भी पढ़ें- Farooq Abdullah: 'हमारे मुल्क को सावधानी बरतने की जरूरत', बांग्लादेश के हालातों पर फारूक अब्दुल्ला ने जताई चिंता