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'मुख्यमंत्री जी, ये मेरा आदेश नहीं सुनते', जम्मू-कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने कमिश्नर के खिलाफ CM को लिखी चिट्ठी

Published: Thu, 13 Aug 2026 08:04 AM (IST)

परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन के खिलाफ शिकायत की है।

परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन

परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन

HighLights

  1. मंत्री सतीश शर्मा ने मुख्यमंत्री को परिवहन आयुक्त के खिलाफ लिखा पत्र

  2. आयुक्त पर आदेश न मानने और प्रशासनिक कार्य प्रभावित करने का आरोप

  3. ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीकरण के निजीकरण पर असहमति मुख्य वजह

जागरण संवाददाता, जम्मू। परिवहन मंत्री सतीश शर्मा और परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन के बीच सब ठीक नहीं है और अब बात शिकवे शिकायत से आगे बढ़ती दिख रही है।

मंत्री सतीश शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर को पत्र लिखकर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि परिवहन आयुक्त उनकी सुनते नहीं और उनके लिखित व मौखिक आदेश भी नहीं मानते।

उन्होंने अधिकारी को तुरंत हटाने और अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करने का अनुरोध किया है। हालांकि परिवहन आयुक्त महाजन ने इसपर टिप्पणी से इनकार कर दिया। अपनी तरह के अजब मामले में शायद पहली बार है कि प्रदेश के किसी मंत्री को अपने मातहत अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत करनी पड़ रही है।

पत्र में क्या कहा?

मंत्री सतीश शर्मा ने पत्र में कहा कि उन्होंने पहले इस मामले को अनौपचारिक रूप से और आंतरिक माध्यमों से सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लिखित एवं मौखिक निर्देशों की लगातार अनदेखी तथा मंत्री के प्रति कथित असम्मानजनक व्यवहार से विभाग का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की कथित अवज्ञा न केवल निर्वाचित प्रतिनिधि के अधिकार एवं गरिमा को प्रभावित करती है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है।

सूत्रों ने बताया कि परिवहन आयुक्त व मंत्री में खींचतान ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों का कार्य निजी संस्थान को देने पर शुरू हुई। मंत्री इस पर खुश नहीं है। यह भी बताया जा रहा है कि प्रिंटिंग का कार्य करने वाली कंपनी का कार्यालय भी परिवहन आयुक्त के कार्यालय में ऊपर की मंजिल पर है।

कई मुद्दों पर मनमुटाव

इसके अलावा परिवहन आयुक्त ने वाहनों की फिटनेस जांच के के लिए आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के लाइसेंस जारी किए हैं। इस पर कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि इन स्टेशन पर मनमानी फीस वसूली जा रही है। बताया जा रहा है कि इन मुद्दों पर मंत्री कुछ बदलाव चाहते थे पर अधिकारी अपने फैसले पर अडिग रहे।

मंत्री ने अब मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। बता दें कि प्रदेश में अधिकारों की लड़ाई पहले से ही चल रही है और मंत्री अधिकारियों पर मनमाफिक काम न करने के आरोप लगाते रहे हैं।