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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Old Pension Scheme: कर्मियों को नियमित वेतन देने में जम्मू प्रशासन विफल! इन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने दी खुली चुनौती

By Jagran NewsEdited By: Shubham Sharma
Updated: Fri, 03 Nov 2023 05:30 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटीयू) ने कर्मचारियों को वेतन जारी करने में प्रशासन की विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए 4 ...और पढ़ें

कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में विफल साबित हो रहा जम्मू-कश्मीर प्रशासन
कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में विफल साबित हो रहा जम्मू-कश्मीर प्रशासन

जागरण संवाददाता, जम्मू। राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। पहले भी अपनी समस्याओं-मांगों को सरकार से मनवाने के लिए कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता था। आज भी वही स्थिति है।

प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील

जम्मू-कश्मीर कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ट्रेड यूनियन (जेकेसीसीटीयू) ने कर्मचारियों को वेतन जारी करने में प्रशासन की विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए 4 नवंबर को जे एंड के इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन फ्रंट (जेकेसीसीटीयू) द्वारा घोषित प्रदर्शन का पूरा समर्थन करने का एलान किया है। यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद मकबूल और महासचिव गुरमीत सिंह ने कार्यरत और सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को जम्मू व कश्मीर में किए जाने वाले प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की।

मोहम्मद मकबूल ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की परेशानियों को प्रशासन नजरंदाज कर रहा है। कार्यरत कर्मचारियों को जहां हर माह नियमित वेतन नहीं दिया जा रहा वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों जीपी फंड, ग्रेच्युटी, पेंशनभोगी लाभों के लिए बार-बार कार्यालयों चक्कर लगवाए जा रहे हैं। हद तो यह है कि इन सबके बाद भी उन्हें ये सुविधाएं नहीं मिल रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।

पुरानी पेंशन योजना की भी मांग

महासचिव गुरमीत सिंह ने कहा कि यह प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे मासिक वेतन को नियमित करे और पेंशनभोगी लाभों को तत्काल जारी करे। 

इसी के साथ उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, कर्मचारियों और श्रमिकों के लोकतांत्रिक और ट्रेड यूनियन अधिकारों को सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारियों को उनके अधिकार नहीं दिए गए तो आने वाले दिनों में धरना-प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों-श्रमिकों के हक के लिए उनकी यूनियन हमेशा तत्पर है।

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