जम्मू के अरनिया में तेज बहाव में बहा अस्थायी पुल, 12 गांवों का कस्बे से संपर्क टूटा, किसानों की बढ़ी मुसीबत
जम्मू में भारी बारिश के कारण अरनिया में नड वाला नाले पर बना अस्थायी पुल बह गया, जिससे लगभग एक दर्जन गांवों का अरनिया कस्बे से संपर्क टूट गया है। ...और पढ़ें

पुल के बह जाने से किसानों को हो रही मुश्किल।
HighLights
अरनिया में नड वाला नाले का अस्थायी पुल बहा।
दर्जन भर गांवों का अरनिया कस्बे से संपर्क कटा।
ग्रामीणों ने स्थायी पुल बनाने की प्रशासन से मांग की।
संवाद सहयोगी, बिश्नाह। जम्मू में बारिश का दौर जारी है. एक तरफ जहां तवी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. वहीं चिनाब खतरे के निशान के पास पहुंच गई है. जम्मू में पिछले साल की तरह एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. लगातार हो रही बारिश के चलते अरनिया क्षेत्र के नड वाला ऐक नाले पर बना अस्थायी पुल तेज पानी के बहाव में बह गया। पुल के बह जाने से किसानों के साथ-साथ करीब दर्जन भर गांवों के लोगों का अरनिया कस्बे से संपर्क कट गया है।
पुल के बह जाने के कारण ग्रामीणों और किसानों को अब अपने खेतों तथा अरनिया तक पहुंचने के लिए करीब दस किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि नाले पर हर वर्ष अपने खर्चे से अस्थायी पुल बनाया जाता है लेकिन बरसात के मौसम में तेज पानी आने के साथ ही यह पुल बह जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों को हो रही परेशानी
सामाजिक कार्यकर्ता सोनू पंडित ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से यहां स्थायी पुल बनाने की मांग की जा चुकी है लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह रास्ता शेर चक्क, तलाड़ ब्यासपुर अत्यधिक गांवों के साथ-साथ क्षेत्र के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. रोज बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। पुल बह जाने से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
गांव वालों को तय करना पड़ रहा लंबा रास्ता
ग्रामीणों को अरनिया बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी सरदारी लाल ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान करते हुए नाले पर जल्द से जल्द पक्का पुल बनाया जाए, ताकि हर वर्ष बरसात के दौरान ग्रामीणों और किसानों को इस परेशानी से न जूझना पड़े।