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कश्मीर में टूटी आतंक की बेड़ियां, सदाबहार हुआ पर्यटन उद्योग; 2.35 करोड़ पर्यटकों ने किया 'धरती के स्वर्ग' का दीदार

Published: Sat, 04 Apr 2026 05:09 AM (IST)Updated: Sat, 04 Apr 2026 06:48 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से मुक्ति के बाद पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। पिछले एक साल में 1500 से ...और पढ़ें

पर्यटन उद्योग अब मौसमी नहीं, सदाबहार होता जा रहा है। AI-जनरेटेड फोटो

पर्यटन उद्योग अब मौसमी नहीं, सदाबहार होता जा रहा है। AI-जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. पर्यटन उद्योग अब मौसमी नहीं, सदाबहार होता जा रहा है

  2. 2024 में 2.35 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया

  3. स्थानीय आर्थिकी को मजबूत आधार प्रदान कर रहा पर्यटन

राज्य ब्यूरो, जम्मू। आतंकवाद और अलगाववाद की बेड़ियों से आजादी मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग अब मौसमी नहीं बल्कि सदाबहार होता जा रहा है। पिछले एक वर्ष के भीतर प्रदेश में सरकार ने 1500 से ज्यादा छोटी-बड़ी पर्यटन विकास योजनाओं को शुरू किया।

वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 472 करोड़ का बजटीय प्रविधान किया है। देसी ही नहीं विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में कश्मीर को निहराने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों को जम्मू कश्मीर में आकर्षित करने के लिए परंपरागत के साथ ही नए और अनछुए पर्यटनस्थलों को विकसित किया जा रहा है।

सीमांत, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के साथ खेल पर्यटन पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वर्ष 2022 में जम्मू कश्मीर में माता वैष्णो देवी और श्री अमरनाथ के श्रद्धालुओं समेत 1.88 करोड़ पर्यटक आए थे, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 2.35 करोड़ हो गए।

यह वृद्धि यात्रियों के बढ़ते विश्वास और क्षेत्र के पर्यटन अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान का संकेत देती है। पर्यटन स्थानीय आर्थिकी का एक मजबूत आधार है। इस पर सिर्फ होटल संचालक,वाहन चालक या टूअर ऑपरेटर जहां प्रत्यक्ष रूप से रोजगार के लिए आश्रित हैं, वहीं कश्मीरी दस्तकार व कई अन्य वर्गों को पर्यटन ही परोक्ष रूप से आजीविका प्रदान करता है।

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