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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kashmiri Apple: मौसम की मार और कीट हमले के कारण महंगा हुआ कश्मीरी सेब, व्यापारियों को हो रहा घाटा

By lalit kEdited By: Deepak Saxena
Updated: Wed, 08 Nov 2023 06:27 PM (IST)

कश्मीरी सेब (Kashmiri Apple) पर मौसम की मार और कीट हमले के कारण इसकी पैदावार काफी कम रही है जिस कारण ये सेब काफी महंगा है। वहीं दागी सेब भले ही मार्के ...और पढ़ें

मौसम की मार और कीट हमले के कारण महंगा हुआ कश्मीरी सेब।
मौसम की मार और कीट हमले के कारण महंगा हुआ कश्मीरी सेब।

जागरण संवाददाता, जम्मू। इस बार एक तो मौसम की मार कश्मीरी सेब पर पड़ी, वहीं माइट (कीट) का हमला बार बार होता रहा। इसी का असर है कि अधिकांश सेब दागी हो गया जोकि सी ग्रेड में तब्दील होकर मार्केट में भले ही 50 रुपये के दाम पर बिक रहा हो। लेकिन अव्वल सेब कम होने से बेहद महंगा हो गया है।

बीमारी के कारण 70 फीसदी फसल हुई प्रभावित

ए और बी ग्रेड का सेब पाने के लिए लोगों को डेढ़ सौ से तीन सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कीट का हमला होने के कारण सेब पर काले काले अनेकों धब्बे बन गए जोकि सेब पर भी साफ दिखाई पड़ते हैं। व्यापारियों का कहना है कि बीमारी इस सीजन सेब की फसल पर छाई रही। इससे 70 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई और अधिकांश सेब पर काले काले धब्बे बने हुए हैं। मार्केट में इसके अच्छे दाम नहीं मिलते, इसलिए जम्मू शहर पर रेहड़ियों पर यह सेब खूब बिक रहा है। मगर अच्छी सेब उपलब्ध नहीं हो पा रहा।

अच्छा सेब कम होने के कारण बढ़े दाम

फ्रूट मंडी नरवाल जम्मू के उप प्रधान अतुल घई का कहना है कि इस बार अव्वल दर्जे का सेब मार्केट में कम हैं। इस कारण इसके दाम भी बढ़ गए। थोक भाव में सेब की जो पेटी पिछले बरस 700 रुपये की थी, अब 1000 रुपये की है। इससे बाजार में भी अच्छा सेब महंगे दाम पर ही मिलेगा। गोल्डन, चमूड़ा, अमरीकन, महाराजी, गाला अमरी, डिलिशियस, अमरी किस्म के सेब ऐसे हैं जिनकी बहुत मांग रहती है। लेकिन इस बार अधिकांश फसल पर दाग हैं। इसलिए मंडी में अच्छा सेब महंगा है। जबकि सी व डी ग्रेड की बहार है और खूब माल मार्केट में हैं।

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कीट से निपटने के लिए प्रशासन को बनानी

बारामूला के सेब के कारोबारी जोकि जम्मू में सेब के व्यापार के सिलसिले में आए हैं, अतुल घई का कहना है कि अबकी व्यापार इतना ज्यादा अच्छा नहीं रहा। अधिकांश सेब दागी है और यह दागी सेब सस्ते दाम में जा रहा है। व्यापारियों का घाटा ही है। कीट के हमले से निपटने के लिए अगली बार प्रशासन को बेहतर नीति बनानी होगी।

नरवाल मंडी के व्यापारी नितिन जैन का कहना है कि जम्मू की नरवाल मंडी में इस बार 100 ट्रक ही सेब के एक दिन में आ पा रहे हें। पिछले बरस 200 ट्रक माल यहां आया करता था।

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