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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu News: कश्मीर सीआईके ने एक दर्जन ठिकानों पर की छापेमारी, बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद

    By naveen sharmaEdited By: Deepak Saxena
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 10:35 PM (IST)

    जम्मू कश्मीर पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) विंग ने एक दर्जन से ज्यादा आतंकियों के डिजिटल ठिकानों पर छापेमारी की। हालांकि इस दौरान गिरफ्ता ...और पढ़ें

    कश्मीर सीआईके ने एक दर्जन ठिकानों पर की छापेमारी।
    कश्मीर सीआईके ने एक दर्जन ठिकानों पर की छापेमारी।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय जिहादी तत्वों और उनके समर्थकों के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस का काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर(सीआईके) विंग सक्रिय हो चुका है। सीआईके ने गुरुवार को कश्मीर में आतंकियों और उनके पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने, इंटरनेट मीडिया के जरिए कश्मीर में लोगों के डराने -धमकाने में लिप्त तत्वों के एक लगभग एक दर्जन ठिकानों की तलाशी ली। यह तलाशी श्रीनगर, पुलवामा, अनंतनाग और कुपवाड़ा में ली गई है। इस दौरान किसी को गिरफ्तार किए जाने या पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की सीआईके ने पुष्टि नहीं की है,लेकिन छापों के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटिल उपकरण और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं।

    इंटरनेट मीडिया के तहत फैला रहे भारत विरोधी सामग्री 

    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने आइएसआई ने कश्मीर में सक्रिय अपने कैडर और ओवरग्राउंड वर्करों के साथ मिलकर एक षड्यंत्र रचा है। इस षड्यंत्र के तहत इंटरनेट मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर कश्मीर के संदर्भ में भारत विरोधी सामग्री को प्रचारित-प्रसारित किया जाता है। कश्मीरी नौजवानों में जिहादी मानसिकता पैदा कर उन्हें भारत के खिलाफ हथियार उठाने को तैयार किया जाता है। कश्मीर में जारी आतंकी हिंसा को सही ठहराने के लिए भड़काऊ़ तस्वीरें, वीडियो अपलोड किए जाते हैं। इसके साथ ही कश्मीर में मुख्यधारा की राजनीति से ज़ड़े लोगों, बुद्धिजीवियों और पाकिस्तान के एजेंडे के खिलाफ बोलने वाले स्थानीय लोगों को भी धमकाने के लिए इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है।

    कश्मीर में शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश

    प्रवक्ता ने बताया कि इस षड्यंत्र का पता चलने पर सीआईके ने मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू कर दी। जांच के दौरान कुछ लोगों को चिंह्नित किया गया। इंटरनेट मीडिया पर उनकी गतिविधियों की निगरानी भी की गई। इसके अलावा उनकी गतिविधियों के संदर्भ में कुछ अन्य सुबूत भी जमा किए गए जो कश्मीर में शांति और कानून व्यवस्था का वातावरण भंग करने के षड्यंत्र में उनकी सलिप्तता का संकेत देते हैं। यह तत्व कश्मीर में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के अलावा ऐसे लोगों के फोटो, प्रोफाइल भी जमा कर रहे थे जो कश्मीर में पाकिस्तानी एजेंडे के खिलाफ काम कर रहे हैं या फिर कश्मीर को लेकर अपनी निष्पक्ष राय रखते हैं। यह तत्व इन लोगों की जान को जोखिम में डालने के लिए इंटरनेट मीडिया पर कई भड़काऊ बातें लिख रहे थे।

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    लैपटॉप, मोबाइल सहित कई डिजिटल उपकरण बरामद

    प्रवक्ता ने बताया कि सीआईके ने सभी आवश्यक सुबूत जमा करने के बाद एनआईए अधिनियम के तहत श्रीनगर स्थित विशेष अदालत में इन तत्वों के घरों की तलाशी लेने के लिए आवश्यक अनुमति का आग्रह किया। अदालत से वारंट प्राप्त करने के बाद आज सीआइके ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और पुलवामा व उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के अलावा सेंट्रल कश्मीर में जिला श्रीनगर में लगभग एक दर्जन जगहों पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान लैपटाप, मोबाइल फोन व सिमकार्ड, पेन ड्राइव , पोर्टेबल हार्ड डिस्क समेत 18 इलैक्ट्रिक व डिजिटल उपकरण और कुछ अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त किया गया है। जब्त इलेक्ट्रानिक उपकरणों के डेटा की जांच की जा रही है।

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