यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ladakh News: लद्दाख की जनता 5 अगस्त 2019 के फैसले के खिलाफ, विधानसभा चुनाव को लेकर बोले उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के चुनाव नतीजों ने बता दिया है कि लद्दाख के लोग पांच अगस ...और पढ़ें

जम्मू, जागरण संवाददाता। नेशनल कॉन्फ्रेंस National Conference) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Ex CM Omar Abulla) ने कहा कि लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के चुनाव नतीजों ने बता दिया है कि लद्दाख के लोग पांच अगस्त 2019 के फैसले के खिलाफ हैं।
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव न कराए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा दोनों ही जम्मू कश्मीर में लोगों का सामना करने से डरती हैं।
लद्दाख में मुस्लिम बहुसंख्यक
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब केंद्र कारगिल के नतीजों पर कहेगा कि वहां मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, इसलिए नतीजा नेकां-कांग्रेस के हक में हुआ है। तो मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या लद्दाख को जम्मू कश्मीर से धर्म के आधार पर किया गया है। पूरे लद्दाख में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं।
क्या यहां आंतरिक हालात और सुरक्षा व्यवस्था इतनी बिगड़ चुकी है कि यहां चुनाव नहीं कराए जा सकते। पांच अगस्त 2019 के बाद से सरकार यहां हालात में लगातार सुधार का दावा कर रही है।
BJP ने कहा- राजनीतिक शून्यता भरने की जरूरत
जम्मू कश्मीर की जनता की तरफ से मेरा आज भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल है कि क्या जम्मू कश्मीर जनता को निर्वाचित सरकार का हक नहीं है। क्या आपने कुछ दिन पहले तक नहीं कहा था कि जम्मू कश्मीर में राजनीतिक शून्यता है, जिसे भरने की जरूरत है।

80 नंबर पर दिया जोर
उपराज्यपाल को 80 नंबर का बहुत उपयोग करते हैं। उनकी हर बात में 80 का जिक्र होता है। उन्हें हर बात में 80 का नंबर नजर आता है। मुझे समझ में नहीं आता कि वह अपनी लोकप्रियता का जब हवाला दे रहे थे तो उन्होंने 20 प्रतिशत क्यों छोड़ दिया, उन्होंने कहा यह सर्वे किया गया है, जहां लोगों ने कहा कि 80 प्रतिशत जनता यहां चुनाव नहीं चाहती है। कल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहेंगे कि देश की 80 प्रतिशत जनता मुझे पसंद करती है, इसलिए यहां चुनाव कराने की जरूरत नहीं है।
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इजरायल और फलस्तीन की समस्या कोई नयी नहीं है। हम उम्मीद कर सकते हैं कि वहां सब कुछ जल्द सामान्य हो।
हमने कभी भाजपा को नहीं कहा कि उनका नेतृत्व कौन करेगा। इसी तरह उन्हें हक नहीं है कि वह हमारा नेतृत्व चुने। हमारा कौन बनेगा ये तो हमारे कार्यकर्ता ही तय करेंगे। अगर भाजपा को हमसे नफरत हैं और चाहते हैं कि हमारे खानदान के अलावा कोई और अध्यक्ष बने तो भाजपा वाले आएं और चुनाव लड़ें।