यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farooq Abdullah: वंशवाद को लेकर ये क्या बोल गए फारूक अब्दुल्ला, कहा- 'लोगों के लिए करना पड़ता...'
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में वंशवाद को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम वंशवाद से नहीं आते हम चुनाव जीतकर आते हैं। इसके साथ ...और पढ़ें

एएनआई, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वंशवाद को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम वंशवाद से नहीं आते हैं, हम चुनाव जीतकर आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या उनकी पार्टी के लोग वंशवाद से नहीं हैं।
हमें लोगों के लिए करना पड़ता है काम- फारूक अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वंशवाद क्या है? हम वंशवाद से नहीं, चुनाव से आते हैं... क्या उनकी पार्टी (भाजपा) के लोग वंशवाद से नहीं हैं?... एक उद्योगपति अपने बच्चों को उद्योगपति बनाता है, तो क्या उसे वोट लेने पड़ते हैं? एक अभिनेता अपने बच्चों को अभिनेता बनाता है तो क्या उसे वोट लेने पड़ते हैं? हमें वोट लेने पड़ते हैं, लोगों से मिलना पड़ता है और उनके लिए काम करना पड़ता है, तो यह वंशवाद कैसे हो सकता है?
अब्दुल्ला परिवार का गढ़ रही श्रीनगर सीट
श्रीनगर संसदीय क्षेत्र को नेशनल कॉन्फ्रेंस यानी अब्दुल्ला परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है। इस संसदीय सीट से उमर अब्दुल्ला तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। उनके पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उनकी दादी बेगम अकबर जहां भी इसी सीट से सांसद निर्वाचित हो चुकी हैं। इसी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) उत्तरी कश्मीर की संसदीय सीट बारामुला-कुपवाड़ा (Baramula-Kupwara Seat) से चुनाव लड़ेंगे। श्रीनगर संसदीय सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शिया नेता और पूर्व मंत्री अग़ा रुहुला को अपना उम्मीदवार बनाया है।
ये भी पढ़ें: Jammu Kashmir News: नवरात्र में मांग बढ़ने से किसानों को मालामाल कर रहे गेंदा फूल, इस हिसाब से हो रही कमाई
ये भी पढ़ें: Jammu Kashmir Politics: मजबूरी या पार्टी में विरोध, अपना गढ़ छोड़ बारामूला सीट से चुनाव क्यों लड़ रहे उमर अब्दुल्ला?