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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

J&K News: बारामुला में फिर आतंकी हमला, पुलिस हेड कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार की गोली लगने से मौत

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
Updated: Tue, 31 Oct 2023 11:02 PM (IST)

जम्मू कश्मीर के बारामुला के तंगमर्ग इलाके में आतंकियों ने फिर हमला किया। हमले में एक पुलिसकर्मी को गोली लगी जिसके बाद वह घायल हो गया था। घाव इतना गहरा ...और पढ़ें

पुलिस हेड कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार की गोली लगने से मौत
पुलिस हेड कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार की गोली लगने से मौत

जागरण डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के पांचवें स्थापना दिवस के जश्न में बाधा डालने के लिए आतंकियों ने मंगलवार को बारामुला में एक पुलिसकर्मी की उसके घर के पास ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। बलिदानी हेड कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार अवकाश पर घर आया हुआ था। वह पुलिस के आतंकरोधी विशेष अभियान दल (एसओजी) में भी अपनी सेवाएं दे चुका है। गुलाम मोहम्मद डार छह बेटियों का पिता था। कश्मीर में तीन दिन के भीतर यह तीसरा आतंकी हमला है। 

इससे पहले आतंकियों ने सोमवार को पुलवामा में उत्तर प्रदेश के एक श्रमिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रविवार को आतंकियों ने श्रीनगर के ईदगाह मैदान में क्रिकेट खेल रहे एक पुलिस इंस्पेक्टर पर गोलियां बरसाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। कश्मीर में टारगेट किलिंग की इन वारदात के बाद सुरक्षा बंदोबस्त और कड़ा करते हुए हमलों के जिम्मेदार आतंकियों की तलाश में सघन अभियान चलाया गया है। 

आतंकी कश्मीर में शांति और विकास से बौखलाए 

दरअसल, आतंकी कश्मीर में शांति और विकास से बौखलाए हैं। जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल गुलाम मोहम्मद डार श्रीनगर जिला पुलिस लाइन में नियुक्त डीएसपी के साथ तैनात था। गुलाम मोहम्मद अवकाश पर अपने घर बारामुला जिला के अंतर्गत टंगमर्ग के पास वायलू करालपोरा आया हुआ था। बताया जा रहा है कि गुलाम मोहम्मद शाम को घर के पास अपनी जमीन पर काम कर रहा था कि अचानक वहां आतंकी आ गए। 

उन्होंने उसे बचाव का कोई मौका दिए बिना बिल्कुल नजदीक से गोलियां बरसाईं। गुलाम मोहम्मद जख्मी होकर वहीं गिर पड़ा और आतंकी भाग निकले। गोलियों की आवाज सुनकर गुलाम मोहम्मद के स्वजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचित करने के साथ गुलाम मोहम्मद को उपजिला अस्पताल टंगमर्ग पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने गुलाम मोहम्मद को बलिदानी घोषित कर दिया। 

संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वारदात के समय मौके पर मौजूद रहे कुछ लोगों से पूछताछ की गई है, ताकि आतंकियों का सुराग जुटाया जा सके। सुरक्षाबलों ने वायलू और उसके साथ सटे इलाकों की घेराबंदी करते हुए आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि वारदात में लश्कर के मुखौटा संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

कश्मीर जोन पुलिस ने दी जानकारी

यह जानकारी कश्मीर जोन पुलिस द्वारा माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर दी गई। कश्मीर जोन पुलिस ने शहीद को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में हम उनके परिवार के साथ खड़े हैं।