यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu kashmir: लखनपुर से ऊधमपुर तक टोल टैक्स से राहत की उम्मीद नहीं, सुप्रीम कोर्ट जा रही NHAI
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने 25 फरवरी को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एनएचएआइ को लखनपुर व बन टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूली में 8 ...और पढ़ें

HighLights
- सड़क खराब के कारण हाईकोर्ट ने दिया था कम टोल लेने का आदेश
- हाई कोर्ट ने हाईवे का निर्माण पूरा होने तक सिर्फ 20 प्रतिशत टैक्स वसूलने के दिए थे निर्देश
- जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर से ऊधमपुर तक चालकों से पूरा टोल वसूला जा रहा
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर से ऊधमपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के चलते हाई कोर्ट की ओर से टोल प्लाजा पर सिर्फ 20 प्रतिशत टोल टैक्स वसूलने के निर्देश के बावजूद वाहन चालकों को कोई राहत नहीं मिल रही है। जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर व बन दोनों टोल प्लाजा पर चालकों से पूरा टोल वसूला जा रहा है।
वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं
फिलहाल, वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है, क्योंकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) हाई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा रही है।
20 प्रतिशत टैक्स वसूलने का निर्देश दिया था
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने 25 फरवरी को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एनएचएआइ को लखनपुर व बन टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूली में 80 प्रतिशत की कटौती करते हुए सिर्फ 20 प्रतिशत टैक्स वसूलने का निर्देश दिया था।
बेंच ने तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया था, लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी दोनों टोल प्लाजा पर सामान्य दिनों की तरह ही टोल काटा जा रहा है। टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मियों ने नाम न छापने पर बताया कि उन्हें टैक्स वसूली में कमी करने संबंधी कोई निर्देश नहीं मिला है।
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है
बता दें कि जम्मू के त्रिकुटा नगर की एडवोकेट सुगंधा साहनी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कहा था कि लखनपुर से ऊधमपुर तक इस समय दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है और करीब 60-70 प्रतिशत राजमार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त व निर्माणाधीन है। ऐसे में जब लोगों को सुविधा ही नहीं मिल रही तो उनसे टोल टैक्स क्यों वसूला जा रहा है? इसके बाद हाई कोर्ट ने सिर्फ 20 प्रतिशत टोल टैक्स की वसूलने के निर्देश थे।
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'हाई कोर्ट के फैसले की कॉपी दिल्ली भेज दी गई थी और एनएचएआइ ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला लिया है। वकील नियुक्त हो गए हैं और एक-दो दिन में अपील दायर कर दी जाएगी।'-राजीव कुमार, एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर