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आसमान छू रही प्याज की कीमतें, जानिए कब घटेंगे प्याज के दाम

Published: Mon, 31 Aug 2026 09:52 PM (IST)

जम्मू में प्याज की कीमतें 60-65 रुपये प्रति किलो पर स्थिर हैं, जिससे रसोई और ढाबों में इसका उपयोग कम हो गया है।

प्याज सामान्य होने के लिए माह भर का करना होगा इंतजार

प्याज सामान्य होने के लिए माह भर का करना होगा इंतजार

HighLights

  1. जम्मू में प्याज 60-65 रुपये प्रति किलो पर बिका

  2. बारिश से फसल खराब, जमाखोरी से दाम बढ़े

  3. नई फसल आने पर एक माह में दाम घटेंगे

जागरण संवाददाता, जम्मू। पिछले दो सप्ताह से चढ़ते क्रम में आए प्याज ने हर घर की रसोई को तो प्रभावित किया ही है वही ढाबों पर भी सलाद में प्याज कि अब गायब होने लगा है। हालांकि, प्याज के दाम पिछले 15 दोनों पर एक ही जगह पर टिके हुए हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि यह बहुत महंगा है। 60 से 65 रुपये प्रति किलो प्याज हम लोगों की पहुंच से बाहर ही है।

ऐसी में लोगों की घरों में रसोई घर से प्याज अब नदारत होने लगा है या काम प्याज की उपयोगिता है। ओल्ड सतवारी की रहने वाली सुनीता कुमारी ने बताया आलू 20 से 30 रुपये में मिल रहा है मगर प्याज बहुत ही दूर है। ऐसी में जहां पहले प्याज दो से तीन किलो खरीद लिया जाता था अब घर में एक किलो प्याज ही आ रहा है

प्याज के दाम इस ऊंचाई पर आकर थम से गए हैं, इसके नीचे जाने का समय कब आएगा। जम्मू की नरवाल मंडी में हर दिन 10 से 12 ट्राले प्याज के आते हैं और एक ट्राले में 20 से 25 टन माल आता है। यानी आमतौर पर हर दिन 200 टन से अधिक प्याज जम्मू की सबसे बड़ी नरवाल मंडी में पहुंचता है।

इन दिनों दो ट्राले माल कम आ रहा है। थोक व्यापारी राजकुमार राजा का कहना है कि पिछले समय में हुई बारिशों से दूसरे राज्यों में प्याज की फसल खराब हुई है। इसका असर प्याज के दाम के ऊपर तो है, लेकिन ज्यादा असर व्यापारियों द्वारा प्याज की जमाखोरी के कारण हुआ है।

अगर सरकार इस बात को गंभीरता से लेती है तो प्याज कुछ हद तक लुढ़क सकता है। लेकिन कुल मिलाकर प्याज को सामान्य होने में महाभर का समय लग जाएगा, क्योंकि तब नई फसलें चल पड़ेगी। क्योंकि बारिशें थम रही है। ऐसे में स्थिति बेहतर होगी।

सतवारी की सुदेश कुमारी ने बताया कि घर में प्याज की आवक कम हो गई है। पहले तो रसोईघर में प्याज काफी रहता था। मगर अब सीमित है। सब्जी के तड़के में भी प्याज का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम हो रहा है। सलाद में भी प्याज अब कम हो गया है।

स्थानीय प्याज के लिए अब लंबा इंतजार

मई माह में जम्मू जिले के किसानों ने प्याज तो उत्पादित किया मगर तब दाम सामान्य रहे। वैसे भी स्थानीय प्याज बहुत ज्यादा नहीं लगता । महज किसान अपने खाने के लिए लगाते हैं। कुछ एक किसान बेचने के लिए भी लगाते हैं मगर तब मंडी में दाम ही सही नहीं मिलते।

अब प्याज की फसल खत्म हो चुकी है। नई फसल जनवरी माह में लगेगी। पनोतरे चक के किसान कुलदीप राज का कहना है कि स्थानीय प्याज खत्म हो चुका है। ऐसे में अब नई फसलों का ही सबको इंतजार है।