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    सांबा के घगवाल में सुरंग की दहशत! सेना-BSF-पुलिस पहुंची, जेसीबी से खुदाई तो निकला साही का बिल

    By Nishchint Samyal Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Thu, 16 Jul 2026 12:08 PM (IST)

    सांबा के घगवाल गांव में किसानों को खेत में एक गहरा छेद मिला, जिसे सीमा पार सुरंग समझा गया। सुरक्षा एजेंसियों की जांच और जेसीबी से खुदाई के बाद पता चला ...और पढ़ें

    सांबा के घगवाल में सुरंग का डर, जांच में निकला साही का बिल।

    सांबा के घगवाल में सुरंग का डर, जांच में निकला साही का बिल

    संवाद सहयोगी, सांबा। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के घगवाल क्षेत्र के जराई गांव में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब किसानों ने अपने खेत में एक सुरंग जैसा गहरा छेद देखा। देखते ही देखते पूरे गांव में सीमा पार सुरंग की चर्चा फैल गई। खेत में अचानक दिखे इस संदिग्ध गड्ढे के बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए पास में स्थित सेना के शिविर को सूचना दी।

    गत बुधवार सुबह किसान रोज की तरह खेत पर पहुंचे थे। जमीन में बना गोल, गहरा छेद देखकर उन्हें शक हुआ कि कहीं यह सीमा पार से खोदी गई सुरंग तो नहीं। अंतरराष्ट्रीय सीमा यहां से महज 2 से 3 किलोमीटर दूर है, इसलिए शक गहरा गया।

    सूचना मिलते ही सेना के जवानों ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। देखते ही देखते मौके पर बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसओजी समेत कई सुरक्षा एजेंसियां पहुंच गईं। शुरुआत में अंदेशा यही था कि पाकिस्तान ने अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए कोई नई सुरंग तो नहीं बना दी है।

    जेसीबी से हुई खुदाई, फिर हुआ खुलासा

    सुरंग के शक को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने कोई रिस्क नहीं लिया। जेसीबी मंगवाकर संदिग्ध जगह की गहराई तक खुदाई कराई गई। घंटों चली जांच के बाद सबने राहत की सांस ली। जांच में साफ हुआ कि यह कोई सीमा पार सुरंग नहीं, बल्कि साही (Porcupine) का बिल है।

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    यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ जी की यात्रा चल रही है और पूरा सुरक्षा अमला हाई अलर्ट पर है। यात्रा से ठीक पहले बीएसएफ ने खुद महानिदेशक प्रवीण कुमार की निगरानी में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ा एंटी-टनेल अभियान चलाया था, ताकि जमीन के नीचे से होने वाली किसी भी घुसपैठ को रोका जा सके।

    2012 से 2021 के बीच बीएसएफ जम्मू, सांबा और कठुआ में लगभग एक दर्जन पाकिस्तानी सुरंगों का पता लगा चुकी है, इसलिए सुरक्षा बल अब कोई भी सुराग हल्के में नहीं ले रहे।

    जब सांबा के चचवाल में मिली थी पहली सुरंग

    सांबा में सुरंग मिलने का यह डर पुराना है। साल 2012 के जुलाई में सांबा के चचवाल गांव में पहली बार पाकिस्तान की साजिश बेनकाब हुई थी। तब भी अचानक खेत धंसने लगा था, जिसकी सूचना स्थानीय युवक सुखदेव सिंह ने बीएसएफ को दी थी।

    जांच में सामने आया था कि पाकिस्तान ने 25 फीट गहरी और भारतीय सीमा में 550 मीटर लंबी सुरंग खोदी थी, जिसमें सांस लेने के लिए पाइप भी बिछाई गई थी। उसी के बाद से सीमा पर सुरंग-रोधी निगरानी और सख्त कर दी गई थी। फिलहाल घगवाल में साही के बिल ने जरूर पूरे सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी की एक बार फिर परीक्षा ले ली।