यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आयुष्मान भारत जन अरोग्य योजना में 500 से 700 करोड़ का घोटाला, कोर्ट ने ACB से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Ayushman Bharat Jan Arogya Yojana केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत जन अरोग्य योजना लागू करने में 500 से 700 करोड़ रुपये का घोटाला हो ...और पढ़ें

HighLights
- आयुष्मान भारत जन अरोग्य योजना में 500 से 700 करोड़ का घोटाला
- भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायालय ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
- एडवोकेट शेख शकील ने दर्ज कराई थी शिकायत
जम्मू, जागरण संवाददाता। Ayushman Bharat Jan Arogya Yojana: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत जन अरोग्य योजना लागू करने में 500 से 700 करोड़ रुपये का घोटाला होने पर शिकायत की गई। वहीं, अब भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायालय जम्मू ने एंटी करप्शन ब्यूरो को इस शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
आयुष्मान भारत योजना में 500 से 700 करोड़ का घोटाला
यह शिकायत एडवोकेट शेख शकील की ओर से दायर की गई थी। एडवोकेट शेख शकील के अनुसार उन्होंने आरटीआई के माध्यम से स्टेट हेल्थ एजेंसी व स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से योजना संबंधी जानकारियां मांगी थी और जो जानकारियां मिली, उससे योजना को लागू करने में 500 से 700 करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात सामने आई है।
एडवोकेट शेख शकील ने सीबीआई में दर्ज कराई थी शिकायत
एडवोकेट शेख शकील ने इस आधार पर दस अक्टूबर 2022 को डायरेक्टर सीबीआई को शिकायत भेजते हुए इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। सीबीआई ने जब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने सात फरवरी 2023 को भ्रष्टाचार निरोधक विशेष न्यायालय में शिकायत दर्ज करवाते हुए सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने की मांग की।
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26 सितंबर से पहले एसीबी को पेश करनी होगी स्टेटस रिपोर्ट
कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने बताया कि यह शिकायत दस अक्टूबर 2022 को जम्मू-कश्मीर के एंटी करप्शन ब्यूरो को भेज दी गई थी। एडवोकेट शेख शकील ने आज, शुक्रवार को कोर्ट में ताजा आवेदन दायर करते हुए कहा कि सीबीआई उनकी शिकायत एसीबी को भेज चुका है और यह शिकायत एसीबी को भेजे हुए भी कई महीने बीत चुके हैं लेकिन एसीबी ने भी अब तक इस शिकायत में हुई कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी का दायित्व है कि वो एक सप्ताह के भीतर शिकायतकर्ता को जानकारी दे। इस पर कोर्ट ने एसीबी को 26 सितंबर से पूर्व इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।