'हक मांगा तो मिलीं गोलियां, देश अब लद्दाख के साथ खड़ा हो', सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 23 सितंबर को 20 किमी की पदयात्रा करेंगे। यह यात्रा पिछले साल पुलिस गोलीबारी में मारे ...और पढ़ें
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लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा की मांग तेज एक बार फिर तेज हो गई है।
HighLights
सोनम वांगचुक 23 सितंबर को 20 किमी पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे
लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य के दर्जे की मांग
पिछले साल की गोलीबारी के शहीदों को श्रद्धांजलि, 1 करोड़ मुआवजा
डिजिटल डेस्क, जम्मू। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 23 सितंबर को लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांगों को दोहराने के लिए 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा का नेतृत्व करेंगें।
यह पदयात्रा राज्य का दर्जा देने और क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में चार लोगों की मौत के एक साल बाद हो रही है, ताकि इसके आदिवासी स्वरूप को संरक्षित किया जा सके।
सोनम वांगचुक ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि वो इस महीने को शहीदों के महीने के रूप में मना रहे हैं। इसलिए वो श्यामवैली में एकत्रित हुए हैं। ये वही वैली है जो बटालिक के पास है। जिसमें कारगिल युद्ध में बहुत से जवानों ने जानें दी और हम लोगों ने बिना वर्दी के भारत की रक्षा की।
LADAKH CALLING THE NATION
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) September 21, 2026
People of Ladakh have always stood for the nation & now it’s time the nation stands with Ladakh.
On 23rd there’ll be a historic peaceful Padyatra March towards Leh. On 24th September there’ll be all faith prayers organised by the LBA in memory of 4+1… pic.twitter.com/dOD17iJwEb
हमने लोकतंत्र की मांग की तो मिली गोलियां
सोनम वांगचुक ने कहा कि हम लोगों ने जब भी लोकतंत्र की मांग की, पर्यावरण, हक और संस्कृति के संरक्षण की मांग की तो हम पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई गईं। पिछले साल 24 सितंबर को गोलियां चलाई गईं जिसमें 4 लोगों की जानें गईं। उन शहीदों को याद करते हुए हम एपेक्स बॉडी में हम लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आए हैं।
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1 करोड़ रुपये मुआवजे की उठाई मांग
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो ज्यूडिशियल इंक्वायरी बिठाई है उसके नतीजे जल्द से जल्द आने चाहिए। साथ ही ये भी कहा कि जो शहीद हुए हैं उन लोगों को सिर्फ 15-15 लाख के मुआवजे की बात कही गई है वो बहुत ही कम है और एक तरह का अपमान है।
ऐसे में हम सभी लोगों की सरकार से अपील है कि जैसे देश के सभी हिस्सों में हो रहा है वैसे ही हमारे लद्दाख के शहीदों को भी 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। उनके साथ न्याय होना चाहिए।
23 सितंबर को होगी 20 किमी पदयात्रा
सोनम ने लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि वो 23 सितंबर को 20 किलो मीटर की पदयात्रा निकालने जा रहे हैं। ये पदयात्रा उन शहीदों की याद में होगी जिन्होंने पर्यावरण की रक्षा और देश की संस्कृति के लिए अपनी जान दे दी। ये यात्रा शांतिपुर्ण तरीके से की जाएगी जो लेह की तरफ को होगी।
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24 सितंबर को होगी अलग-अलग धर्मों की पूजा
उन्होंने आगे कहा कि 24 सितंबर को उन शहीदों की याद में बलिदान दिवस मनाया जाएगा। ऐसे में आप लोगों से आशा है कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में यहां आएं और इस पदयात्रा में शामिल हों।
वीडियो के साथ शेयर किया ये कैप्शन
लद्दाख देश को बुला रहा है। लद्दाख के लोग हमेशा देश के साथ खड़े रहे हैं और अब समय आ गया है कि देश लद्दाख के साथ खड़ा हो। 23 तारीख को लेह की ओर एक ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण पदयात्रा होगी।
24 सितंबर को LBA की ओर से उन 4+1 लोगों की याद में सर्व-धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिनकी पिछले साल अंधाधुंध गोलीबारी में मौत हो गई थी। हम आपके साथ और कई पत्रकारों व YouTubers के साथ पदयात्रा करने के लिए उत्सुक हैं; हमें उम्मीद है कि वे हमारा संदेश देश तक पहुंचाएंगे।
