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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu Kashmir Election 2024: एसएसपी मोहन लाल का इस्तीफा मंजूर, अखनूर से हो सकते हैं भाजपा के उम्मीदवार

    Updated: Sat, 24 Aug 2024 11:36 AM (GMT+05:30)

    जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले एसएसपी मोहन लाल भगत ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। अब उनके राजनीति में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। उनके भार ...और पढ़ें

    एसएसपी मोहन लाल ने रिटायरमेंट के 2 साल पहले लिया वीआरएस (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
    एसएसपी मोहन लाल ने रिटायरमेंट के 2 साल पहले लिया वीआरएस (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. मोहन लाल भगत का भाजपा में जाना तय माना जा रहा है।
    2. अखनूर की आरक्षित सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।
    3. मोहन लाल भगत अखनूर के गुरहा जागीर पंचायत के निवासी हैं।

    संवाद सहयोगी, अखनूर। विधानसभा चुनाव के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा से उम्मीदवारों की सूची फाइनल करने के लिए बैठकों का दौर जारी है।

    जम्मू संभाग में अनुसूचित जाति के वोटों को साधने के लिए भाजपा कई बड़े चेहरों को पार्टी में शामिल करने जा रही है, जिसमें एसएसपी मोहन लाल भगत भी हैं। उनके मढ़ से विधानसभा चुनाव में उतरने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

    रिटायरमेंट के 2 साल पहले लिया वीआरएस

    मोहन लाल ने राजनीति में आने के लिए अपनी सेवा के दो वर्ष शेष रहते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया था, जो शुक्रवार को गृह विभाग ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद मोहन लाल भगत का भाजपा में जाना तय माना जा रहा है।

    मोहन लाल अखनूर की आरक्षित सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। मोहन की अखनूर की आरक्षित सीट पर सभी जातियों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह क्षेत्र में साफ छवि वाले पुलिस अधिकारी के अलावा समाजसेवी के रूप में भी लोकप्रिय हैं। वह अखनूर के गुरहा जागीर पंचायत के निवासी हैं।

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    सामान्य परिवार से आते हैं मोहन लाल

    वह एक सामान्य परिवार से है, उनके पिता सेना में थे। मोहन लाल भगत ने अपनी स्कूली शिक्षा अखनूर से ही प्राप्त की है। 1999 बैच के जेकेपीएस अधिकारी मोहन लाल भगत को राष्ट्रपति की ओर से वीरता के लिए वर्ष 2002 व 2010 में दो बार पुलिस पदक, पराक्रम पदक 2008 में, 2012 में डीजीपी का प्रशस्ति पदक और 2020 में सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक भी प्रदान किया गया।

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    उन्हें समाज कल्याण की गतिविधियों के लिए क्षेत्र में प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला शांति पुरस्कार-2022 से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें सेंट मदर थेरेसा विवि द्वारा सुशासन और समाज कल्याण में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया है।

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