वैष्णो देवी के सफर पर पड़ेगा असर? दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे में तकनीकी खामी की आशंका, हादसे के बाद जांच में जुटी टीम
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे निर्माण हादसे की एनएचएआई ने तकनीकी जांच शुरू की है, जिसमें एक श्रमिक की मौत हुई थी।

दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे में तकनीकी खामी की आशंका (जागरण फाइल)
HighLights
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे निर्माण में हादसा, एक श्रमिक की मौत
एनएचएआई विशेषज्ञ दल ने तकनीकी जांच शुरू की
लॉन्चिंग ऑपरेशन में तकनीकी खामी की आशंका जताई
राज्य ब्यूरो, जम्मू। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के विशेषज्ञों के दल ने बुधवार को जम्मू-कठुआ मार्ग पर मंगलवार को दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर में हुए हादसे की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे के पीछे लांचिंग ऑपरेशन के दौरान आई तकनीकी खामी की आशंका जताई है।
एनएचएआइ ने स्पष्ट किया कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच अभी जारी है। यह हादसा एक्सप्रेसवे परियोजना के पैकेज-15 के तहत सांबा जिले के जख में निर्माण कार्य के दौरान हुआ।
तीन विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई
इसमें एक श्रमिक की मौत और एक घायल हो गया था। एनएचएआइ के जम्मू कार्यालय के अनुसार घटना के कारणों की पड़ताल के लिए संबंधित क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करने वाले तीन विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही अत्याधुनिक लांचिंग गैंट्री से जुड़े तकनीकी और यांत्रिक पहलुओं की भी जांच की।
विशेषज्ञों की टीम संरचना के डिजाइन से संबंधित तकनीकी दस्तावेजों, लांचिंग गैंट्री की कार्यप्रणाली और हादसे से पहले अपनाए गए आपरेशन के क्रम की भी समीक्षा कर रही है।
तकनीकी कारणों की होगी जांच
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना किसी यांत्रिक खराबी, संचालन संबंधी चूक, डिजाइन से जुड़े पहलू या अन्य तकनीकी कारणों से हुई। एनएचएआइ के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक और निवारक उपाय तय किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी एनएचएआइ ने दी है। इसके अतिरिक्त संबंधित कंपनी की ओर से मृतक के निकटतम परिजन को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
प्राधिकरण ने कहा कि किसी प्रियजन को खोने की क्षति की भरपाई आर्थिक सहायता से संभव नहीं है। मुआवजा और रोजगार की व्यवस्था प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना व जिम्मेदारी के तौर पर की है। एनएचएआइ ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में श्रमिकों और अन्य संबंधित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक
भविष्य में राजमार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्राधिकरण की प्रमुख जिम्मेदारी है। हादसे के बाद परियोजना में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, निर्माण प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकाल की समीक्षा को अहम माना जा रहा है। एन एचएआइ के अनुसार जांच के निष्कर्षों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा निर्माण कार्यों में उच्चतम सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वैष्णो देवी यात्रा पर पड़ेगा असर
हालांकि, यह एक नया नया एक्सप्रेसवे बन रहा है। ऐसे में सड़क के माध्यम से वैष्णो देवी जाने के लिए मुख्य हाईवे (NH-44) चालू है
