Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ladakh News: सेना ने मशीन से चीरा बर्फ का सीना... नौ महीने बाद मिल गए तीन जवानों के शव, जानिए पूरा मामला?

    By Agency Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Wed, 10 Jul 2024 06:29 PM (IST)

    लद्दाख में सेना को एक और सफलता हासिल हुई है। सेना ने जवानों ने हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल के पर्वतारोहियों ने तीन हवलदार प्रशिक्षकों के पार्थिव शरीर ...और पढ़ें

    मशीन से बर्फ काटकर सेना के जवानों के शव निकालते सैन्यकर्मी।
    मशीन से बर्फ काटकर सेना के जवानों के शव निकालते सैन्यकर्मी।

    HighLights

    1. लद्दाख में सेना को मिली सफलता
    2. बीते साल हिमस्खलन में दबे तीन जवानों के शव हुए बरामद
    3. हिमस्खलन में हुए थे हादसे का शिकार

    डिजिटल डेस्क, जम्मू। हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल के पर्वतारोहियों ने वीरतापूर्ण मिशन को अंजाम दिया है। इसके चलते तीन हवलदार प्रशिक्षकों के पार्थिव शरीर बरामद किए, जो अक्टूबर 2023 में माउंट कुन के अभियान के दौरान घातक स्लाइड में फंस गए थे।

    जुलाई 2023 में HAWS के 38-सदस्यीय पर्वतारोहण अभियान ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में माउंट कुन को जीतने के लिए प्रस्थान किया। अभियान 01 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ और टीम को 13 अक्टूबर 2023 तक माउंट कुन को जीतने की उम्मीद थी। इस हिमाच्छादित क्षेत्र में खतरनाक इलाके और अप्रत्याशित मौसम ने बहुत बड़ी चुनौतियां पेश कीं।

    ये भी पढ़ें: Kathua Encounter: जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले के खिलाफ गुस्सा, लोगों ने पाकिस्तान का पुतला फूंका

    बीते साल हिमस्खलन की चपेट में आ गए चार सदस्य

    बर्फ की दीवार पर रस्सियां लगाते समय टीम 08 अक्टूबर 2023 को फरियाबाद ग्लेशियर पर कैंप 2 और कैंप 3 के बीच 18,300 फीट से अधिक की ऊंचाई पर अचानक हिमस्खलन की चपेट में आ गई। चार सदस्य घातक स्लाइड में फंस गए। अभियान दल ने टीम के सदस्यों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, जो बर्फ की बड़ी मात्रा में दरार में गिर गए और दब गए और साहसपूर्वक अपने प्राणों की आहुति दे दी।

    खबरें और भी

    बहादुरी भरे प्रयासों के बावजूद, टीम केवल लांस नायक स्टैनज़िन तरगैस के पार्थिव शरीर को ही बरामद कर सकी थी। लेकिन, अब सेना को हवलदार रोहित, हवलदार ठाकुर बहादुर आले और नायक गौतम राजबंशी के शव बर्फ और बर्फ की परतों के नीचे दबे हुए एक गहरी दरार में मिल गए हैं।

    ये भी पढ़ें: Omar Abdullah: 'जम्मू-कश्मीर के बदतर हालातों का अब जिम्मेदार कौन?', कठुआ आतंकी हमले पर उमर अब्दुल्ला ने खड़े किए कई सवाल