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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Doda Encounter: आतंकियों की असाल्ट राइफल पर भारी पड़ी थ्री नॉट थ्री, दुम दबाकर भागकर बचाई अपनी जान; तलाश में जुटी सेना

    Updated: Wed, 17 Jul 2024 11:45 PM (IST)

    जम्मू संभाग के डोडा (Doda Encounter) जिले के देसा में आतंकियो और वीडीजी के बीच चार घंटे के अंतराल में दो जगह मुठभेड़ हुई। इस दौरान आतंकियों की असाल्ट ...और पढ़ें

    आतंकियों की असाल्ट राइफल पर भारी पड़ी थ्री नॉट थ्री (फाइल फोटो)।
    आतंकियों की असाल्ट राइफल पर भारी पड़ी थ्री नॉट थ्री (फाइल फोटो)।

    HighLights

    1. चार घंटे में वीडीजी सदस्यों की आतंकियों से दो जगह मुठभेड़
    2. बच निकले थे दहशतगर्द
    3. दोनों स्थलों के आसपास तलाशी अभियान तेज

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू संभाग में डोडा जिले के देसा में सोमवार को सैन्य दल पर हमले के बाद जान बचाने के लिए भाग रहे आतंकियों की असाल्ट राइफलों पर मंगलवार की रात को ग्राम रक्षा समूह (वीडीजी) की थ्री नॉट थ्री भारी पड़ गई। चार घंटे के अंतराल में आतंकियों और वीडीजी के सदस्यों के बीच दो जगह मुठभेड़ हुई।

    दोनों ही जगहों पर वीडीजी सदस्यों की जवाबी कार्रवाई से आतंकियों को जान बचाकर भागना पड़ा। इन मुठभेड़ स्थलों के आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। आतंकियों का पता लगाने के लिए सुरक्षाबल ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ले रहे हैं। उनके आसपास ही होने का अनुमान है।

    कश्मीर टाइगर्स ने ली हमले की जिम्मेदारी

    विदित हो कि सोमवार की रात घात लगाकर किए गए आतंकियों के हमले में कैप्टन समेत चार सैन्यकर्मी बलिदानी हुए हैं। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद के हिट स्क्वाड कश्मीर टाइगर्स ने ली है। दोषी आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अभियान चला रखा है।

    वीडीजी ने आतंकियों को ललकारा

    संबंधित अधिकारियों ने बताया कि देसा और इससे सटे इलाकों में सभी वीडीजी को सक्रिय किया गया है। वीडीजी सदस्यों को सरकार ने थ्री नॉट थ्री बंदूक दे रखी है, जो अपने इलाकों में लगातार निगरानी रखे हुए हैं। मंगलवार की रात को करीब पौने 11 बजे कलान भाटा गांव के बाहरी छोर पर गश्त कर रहे वीडीजी सदस्यों ने स्वचालित हथियारों से लैस तीन आतंकियों को देखा। उन्होंने उसी समय निकटवर्ती चौकी को सूचित किया और आतंकियों को ललकारा।

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    आधा घंटे तक चली दोनों तरफ फायरिंग

    इसके बाद आधा घंटे तक दोनों तरफ से गोलियां चलीं। आखिर आतंकी भाग निकले। इसके बाद रात में ही दो बजे के करीब पंचन भाटा में भी वीडीजी सदस्यों ने आतंकियों को गांव में घुसने से रोकते हुए मुठभेड़ में उलझा लिया। यह मुठभेड़ करीब 20 मिनट चली और आतंकियों को भागना पड़ा। दोनों ही जगह पर किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है।

    जंगल और नालों में गहन तलाशी, पैरा कमांडो भी उतारे

    अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही जगह मुठभेड़ की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों के दस्ते पहुंच गए थे। मुठभेड़ स्थलों के आसपास के इलाके में विशेषकर जंगल और नालों में गहन तलाशी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की रात को हुई मुठभेड़ों से स्पष्ट हो गया है कि सोमवार को सैन्य दल पर हमला करने वाले आतंकी अभी इसी इलाके में हैं। उन्हें कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं मिल रहा है। उन्हें पकड़ने के लिए घेराबंदी को और कड़ा किया जा रहा है।

    सेना के पैरा कमांडो भी इस अभियान में शामिल हैं। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। कलान भाटा और पंचन भाटा गांव के आसपास की बस्तियों और निकटवती चरागाहों में जहां खानाबदोश गुज्जर-बक्करवाल समुदाय ने अपने डेरे लगाए हैं, में भी तलाशी ली जा रही है।

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