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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amarnath Yatra: आज 3.5 लाख का आंकड़ा पार कर जाएगी अमरनाथ यात्रा, 21 दिनों में 3.42 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

Published: Thu, 24 Jul 2025 04:22 PM (IST)

इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.42 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के ...और पढ़ें

9 अगस्त को रक्षाबंधन पर यात्रा समाप्त होगी।
9 अगस्त को रक्षाबंधन पर यात्रा समाप्त होगी।

डिजिटल डेस्क, जम्मू। इस वर्ष 3 जुलाई से आरंभ हुई बाबा अमरनाथ की यात्रा में अब तक 3.42 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। अभी भी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।

यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं को न तो खराब मौसम की चिंता है, न ही भूस्खलन। बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए यात्रा कर रहे इन श्रद्धालुओं का कहना है कि जब अमरनाथ गुफा में भोलेनाथ विराजमान हैं और सुरक्षित यात्रा कराने के लिए भारतीय सेना चप्पे-चप्पे पर मौजूद है, तो फिर चिंता किस बात की।

अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से शिव भक्तों का आना जारी है आज वीरवार को अधिकारिक तौर पर इस साल यात्रा 3.50 लाख का आंकड़ा पार कर लेगी। यात्रा के समापन में अभी 17 दिन बाकी हैं। श्रद्धालु 9 अगस्त रक्षाबंधन के दिन पवित्र गुफा के आखिरी दर्शन करेंगे।

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यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से चल रही है और इससे श्रद्धालुओं को रिकॉर्ड संख्या में आने का प्रोत्साहन मिला है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा संपन्न होने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। 10 जुलाई को पहलगाम में 'छड़ी मुबारक' का भूमि पूजन किया गया। इसके बाद छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा भवन में वापस उसके स्थान पर ले जाया गया।

यह 4 अगस्त को श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा मंदिर से अमरनाथ गुफा मंदिर की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करेगी। 9 अगस्त को पवित्र अमरनाथ गुफा में पहुंचेगी और यात्रा का अधिकारिक तौर पर समापन होगा।

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए अधिकारियों ने व्यापक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद यात्रा में गिरावट दर्ज की जाएगी परंतु आतंकी मंसूबों की धज्जियां उड़ाते हुए देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु हर दिर यात्रा पर आ रहे हैं।

सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा संख्या बढ़ाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। सेना ने इस वर्ष तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 8000 से अधिक विशेष कमांडो तैनात किए हैं।

कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित पवित्र गुफा गुफा तक श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग या छोटे बालटाल मार्ग से पहुंचते हैं। 46 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं । इस मार्ग से श्रद्धालुओं को गुफा तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं।

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वहीं 14 किलोमीटर के छोटे बालटाल मार्ग की बात करें तो यहां से यात्रा करने वाला श्रद्धालु एक ही दिन में दर्शन कर वापस आधार शिविर लौट सकता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है। भक्तों का मानना है कि हिमशिवलिंग की यह संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। 

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