यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Train to Kashmir: फिर कैसे तय होगा सफर? दिल्ली से कश्मीर तक डायरेक्ट नहीं जाएंगी ट्रेनें, रेलवे ने बताई वजह
Train to Kashmir दिल्ली से कश्मीर तक ट्रेन द्वारा जाने का सपना देखने वालों को यह खबर निराश कर सकती है। दरअसल दिल्ली से श्रीनगर तक के लिए डायरेक्ट ट्रे ...और पढ़ें

HighLights
- यात्रियों को डायरेक्ट कश्मीर लेकर नहीं जाएगी वंदे भारत
- प्लेटफार्म नंबर एक से ही कश्मीर के लिए रवाना होगी ट्रेन
- कटड़ा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जा रहे हैं
जागरण संवाददाता, कटड़ा। Train for Kashmir: कश्मीर जाने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन के लिए श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन को सजाने के साथ वहां सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। संभावना है कि 26 जनवरी तक वंदे भारत को हरी झंडी दे जाएगी।
कटड़ा स्टेशन परिसर में एस्केलेटर्स (स्वचालित सीढ़ी) लगाने का काम जारी है। प्लेटफार्म नंबर एक से कश्मीर के लिए ट्रेन रवाना होगी। रेलवे, प्रशासन व श्राइन बोर्ड के अधिकारियों की निगरानी में तैयारियां जारी हैं।
कटड़ा से कश्मीर तक ट्रैक बनकर तैयार है। सभी तरह के महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। कटड़ा से रामबन जिले तक सुरक्षा तंत्र मजबूत किया है। ताकि यात्री कश्मीर का ट्रेन सफर भयमुक्त और आरामदायक कर सकें।
यात्री सीधा कश्मीर नहीं पहुंचेंगे
ट्रेन से दिल्ली से कश्मीर का सफर करने वाले यात्री सीधे कश्मीर नहीं पहुंचेंगे बल्कि उन्हें श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन कटड़ा पर उतरना पड़ेगा। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक सवारी की गहनता से जांच होगी।
प्लेटफार्म नंबर एक को कश्मीर जाने वाली ट्रेन के लिए समर्पित किया है। ट्रेन के भीतर सवारियों के साथ सुरक्षा के सभी तरह के इंतजाम होंगे। ट्रेन के भीतर सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहेंगे।
यात्री कड़ी सुरक्षा के बीच कटड़ा रेलवे स्टेशन से कश्मीर रवाना होंगे। इस महत्वपूर्ण ट्रैक पर पड़ने वाले सभी टनल, पुल आदि पर अत्याधुनिक एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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सुरक्षा का जिम्मा सेना, सीआरपीएफ, पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी संभालेगी। कंट्रोल कमान के लिए नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं ताकि किसी तरह के संभावित आतंकी हमले से निपटा जा सके।
रेलगाड़ी की सुरक्षा का जिम्मा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स संभालेगी तो वही ट्रैक की सुरक्षा का जिम्मा सेना के साथ पुलिस, सीआरपीएफ के पास होगा। विश्व के सबसे ऊंचे आर्च पुल की सुरक्षा राष्ट्रीय राइफल्स के हवाले होगी।
जल्द शुरू होंगी सेवाएं
उधर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित ट्रेन सेवा बहुत जल्द शुरू होगी।
चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में अमृत भारत ट्रेन के नए कोच और अन्य परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान परियोजना के बारे में मीडिया से बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि यह राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण सपना था, जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाली एक नई रेलवे लाइन, जिसमें बहुत जटिलताएं शामिल हैं। 111 किलोमीटर की रेलवे लाइन में से 97 किलोमीटर में सुरंगें और 6 किलोमीटर पुल हैं।