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मनोज सिन्हा के छुट्टी पर जाते ही बदली जम्मू-कश्मीर की कमान, लद्दाख LG विनय सक्सेना को मिला अतिरिक्त प्रभार

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:32 PM (IST)

मनोज सिन्हा के छुट्टी पर जाने के बाद लद्दाख के एलजी विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के एलजी का अतिरिक्त ...और पढ़ें

सिन्हा छुट्टी पर, विनय सक्सेना को मिला LG का अतिरिक्त प्रभार। (फाइल फोटो)

सिन्हा छुट्टी पर, विनय सक्सेना को मिला LG का अतिरिक्त प्रभार (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मनोज सिन्हा के छुट्टी पर जाने से बदली कमान।

  2. विनय सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के एलजी का अतिरिक्त प्रभार।

  3. मनोज सिन्हा की वापसी तक अंतरिम व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर की प्रशासनिक कमान में बड़ा बदलाव हुआ। एलजी मनोज सिन्हा के छुट्टी पर जाने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लद्दाख के एलजी विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के एलजी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। अब सक्सेना लद्दाख के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर का प्रशासन भी संभालेंगे। यह व्यवस्था मनोज सिन्हा के वापस लौटकर कार्यभार संभालने तक प्रभावी रहेगी। उपराज्चपाल मनोज सिन्हा के 14 सितंबर को वापस लौटने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय राजनीतिक हल्कों में सियासी अटकलबाजी तेज हो गई है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि विनय कुमार सक्सेना को उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों के अलावा जम्मू-कश्मीर के एलजी के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया गया है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यह जिम्मेदारी मनोज सिन्हा की अनुपस्थिति और छुट्टी की अवधि तक रहेगी।

अमेरिका में हैं मनोज सिन्हा

मनोज सिन्हा फिलहाल अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं। इसी दौरान उनके छुट्टी पर रहने के चलते यह अंतरिम व्यवस्था की गई है। हालांकि, उनकी छुट्टी की अवधि कितनी होगी और वह जम्मू-कश्मीर कब लौटेंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अलबत्ता, सूत्रों ने बताया कि वह 14 सितंबर को भारत लौटेंगे।

दो केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी एक साथ

विनय कुमार सक्सेना के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मार्च 2026 में लद्दाख के एलजी बने हैं। 13 मार्च 2026 को उन्होंने लद्दाख के चौथे एलजी के रूप में पदभार संभाला था।

इससे पहले वह 2022 से 2026 तक दिल्ली के एलजी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।अब राष्ट्रपति के आदेश के बाद कुछ समय के लिए लद्दाख और जम्मू-कश्मीर—दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की कमान एक ही एलजी के हाथ में होगी।

2020 से जम्मू-कश्मीर के एलजी हैं मनोज सिन्हा

मनोज सिन्हा ने 7 अगस्त 2020 को जम्मू-कश्मीर के एलजी के रूप में पदभार संभाला था। एलजी का कार्यकाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत होता है और इसके लिए कोई निश्चित अवधि निर्धारित नहीं है।फिलहाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

मनोज सिन्हा के लौटने और दोबारा जिम्मेदारी संभालने के साथ यह व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। हालांकि, उनकी वापसी की तारीख और छुट्टी की अवधि को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।

अटकलों का बाजार गर्म

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल का कार्यभार अतिरिक्त रूप से सौंपे जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक हल्कों में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को लेकर विभिन्न अटकलें शुरु हो गई हैं। कई दावा कर रहे हैं कि उन्हें भाजपा में कोई बडी जिम्मेदारी दी जा सकती है और उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में पुन: सक्रिय किया जाएगा।

इसके अलावा यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी कैबिनेट में किसी बड़ी जिम्मेदारी के साथ शामिल कर सकते हैं, क्योंकि गत 22 अगस्त को ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिल्ली में उनसे मुलाकात की थी और उक्त मुलाकात का कोई एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया था।

यहां यह भी बताना असंगत नहीं होगा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने संबधी जो आदेश है,उसमें उनके कार्यकाल की अवधि का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।