जम्मू-कश्मीर में बदला मौसम का मिजाज, पीर पंजाल में बर्फबारी और पुंछ में ओलावृष्टि; फसलों को नुकसान
पीर पंजाल में ताजा बर्फबारी और पुंछ में ओलावृष्टि से मौसम अचानक बदल गया, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को ठंड महसूस हुई। इस बदलाव से किसानों और ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर में बदला मौसम का मिजाज। फोटो जागरण
HighLights
पीर पंजाल में ताजा बर्फबारी, पुंछ में तेज ओलावृष्टि हुई।
मौसम बदलने से तापमान गिरा, लोगों ने फिर गर्म कपड़े पहने।
किसानों की गेहूं, सरसों और फलदार फसलें क्षतिग्रस्त हुईं।
संवाद सहयोगी, पुंछ। पीर पंजाल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और पुंछ के मैदानी इलाकों में सोमवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया। सुबह तक तेज गर्मी से जूझ रहे लोगों को दोपहर बाद ठंड का अहसास होने लगा और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पड़े।
दोपहर करीब दो से चार बजे के बीच पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई, जबकि मंडी, सावजियां, लोरन, शाहपुर और पुंछ शहर के आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम के इस अचानक बदलाव ने जनजीवन को प्रभावित करने के साथ किसानों और बागवानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता ने फसलों को पहले ही कमजोर कर दिया था।
हाल के दिनों में हुई हल्की बारिश से गेहूं और सरसों की फसल में सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन ओलावृष्टि ने फिर से नुकसान पहुंचा दिया। खेतों में खड़ी और कटाई के करीब फसलें प्रभावित हुई हैं।
बागवानी क्षेत्र को भी भारी नुकसान की आशंका है।
अखरोट, नाशपाती, खुबानी और सेब जैसे फलदार पेड़ों पर लगे फूल और छोटे फल ओलों की मार से झड़ गए, जिससे उत्पादन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। बागवानों का कहना है कि इससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। प्रभावित किसानों और बागवानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बदलते मौसम के कारण खेती-किसानी पर संकट गहराता जा रहा है।