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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu Kashmir : एनएचआइडीसीएल की मदद से सेना दिन-रात एक कर बना रही कुंडेल का पुल

    By Lokesh Chandra MishraEdited By:
    Updated: Sun, 24 Jul 2022 04:36 PM (IST)

    इस पुल के निर्माण में नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) सेना का साथ दे रही है। कुंडेल पुल के काम में पीडब्ल्यूडी ...और पढ़ें

    एनएचआइडीसीएल के जरिये ही दोनों तरफ की एबेंडमेंट बन रही है और उसके ऊपर सेना बैली ब्रिज बना रही है।
    एनएचआइडीसीएल के जरिये ही दोनों तरफ की एबेंडमेंट बन रही है और उसके ऊपर सेना बैली ब्रिज बना रही है।

    किश्तवाड़, बलवीर सिंह : मचेल यात्रा शुरू होने वाली है। इस यात्रा को देखते हुए कुंडेल में बेली ब्रिज बनाने के लिए सेना दिन-रात एक कर काम कर रही है। तीन-चार दिनों में पळ्ल तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस पुल के निर्माण में नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) सेना का साथ दे रही है। कुंडेल पुल के काम में पीडब्ल्यूडी का कोई लेनादेना नहीं है और न ही इसके लिए पैसे मचेल माता के खाते से निकल रहा है। इसकी पुष्टि किश्तवाड़ के डीसी अशोक शर्मा ने की।

    दैनिक जागरण से बातचीत में डीसी शर्मा ने बताया कि अभी तक उन्होंने मचेल माता के खाते से एक भी पैसे का इस्तेमाल नहीं किया है और न ही अभी तक सरकार की तरफ से यात्रा के लिए कोई अलग से फंड्स आए हैं। उन्होंने कहा कि जब पुल बह गया तो इसके लिए उन्होंने अपने आला अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया था। इसके लिए पैसा आवंटित होना था, लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है। इसी दौरान कुंडेल में पुराना पुल बह गया, जिसके चलते हाहाकार की स्थिति बन गई।

    इस बारे में जब सेना के अधिकारियों से मदद मांगी तो उन्होंने कहा कि दोनों तरफ अबेटमेंट बनाएं तो बैली ब्रिज बना दिया जाएगा। लेकिन इस मद में सरकार से कोई पैसा नहीं आया था, जिसके चलते उन्होंने एनएचआइडीसीएल के अधिकारियों से बात की। उन्होंने मदद करने के लिए हामी भर दी। एनएचआइडीसीएल के जरिये ही दोनों तरफ की एबेंडमेंट बन रही है और उसके ऊपर सेना बैली ब्रिज बना रही है। डीसी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि जल्द ही यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा और पुल के ऊपर मचेल यात्री आराम से आरपार हो सकेंगे। जल्दी ही लंगरों का सामान भी जाना शुरू हो जाएगा।

    अदालत के फैसले पर प्रशासन कर रहा है काम 

    डीसी ने कहा कि अदालत के फैसले पर वह काम कर रहे हैं। अदालत ने कहा था कि मचैल माता के लिए कोई श्राइन बोर्ड नहीं बन जाता, तब तक इसकी देखरेख जम्मू कश्मीर सरकार करेगी। इसी के चलते डिविजनल कमिश्नर जम्मू इसकी देखरेख कर रहे हैं। डिविजनल कमिश्नर के आदेश के मुताबिक ही काम कर रहे हैं। इस समय हमारा एक ही मकसद है मचैल यात्रा को कामयाब बनाया जाए। यात्रियों को किसी भी किस्म की कोई परेशानी ना आए। इसके लिए प्रशासन की पूरी टीम जुटी हुई है। नोडल अफसर इसकी देखरेख कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के साथ तालमेल बना हुआ है।

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