बनी कठुआ में प्रशासन का बड़ा एक्शन, पर्यटक स्थान सरथल में 35 कनाल सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा
बनी उपमंडल प्रशासन ने सरथल क्षेत्र में 35 कनाल सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। एसडीएम संदीप कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई। ...और पढ़ें

एसडीएम संदीप कुमार की अगुवाई में चली मुहिम, अवैध ढांचे ध्वस्त, फसल भी हटाई गई।
HighLights
बनी प्रशासन ने सरथल में 35 कनाल भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई।
एसडीएम संदीप कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
अवैध खेती हटाई गई, अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।
संवाद सहयोगी, बनी। बनी उपमंडल प्रशासन ने सरथल क्षेत्र में सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में करीब 35 कनाल सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इलाके में लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों पर लगाम लगाने के लिए इसे प्रशासन का अहम कदम माना जा रहा है।
पूरे अभियान का नेतृत्व एसडीएम बनी संदीप कुमार ने किया। उनके साथ कार्रवाई में तहसीलदार बनी प्रद्युम अत्री, थाना प्रभारी बनी, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, सोशल फॉरेस्ट्री ऑफिसर और राजस्व, वन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।
टीम ने सबसे पहले खसरा नंबर 192 पर स्थित सरकारी भूमि का निरीक्षण किया। जमीन पर की जा रही अवैध खेती को हटाया गया। भविष्य में किसी दावे या कब्जे की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सरकारी स्वामित्व दर्शाने वाले बोर्ड भी स्थापित कर दिए गए।
अभियान के दौरान बाबू खान, पूर्व ब्लॉक विकास चेयरमैन बनी और नजीर अहमद नामक व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इसके अलावा एक अन्य निर्मित ढांचे को सील कर दिया गया। क्षेत्र में मौजूद छोटे-छोटे अतिक्रमण और अवरोध भी हटाए गए।
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एसडीएम ने दी सख्त चेतावनी
मौके पर मौजूद लोगों को अधिकारियों ने साफ शब्दों में बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण, खेती या कब्जा कानूनन अपराध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम संदीप कुमार ने कहा, 'सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।' उन्होंने लोगों से सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग की अपील की और चेताया कि आगे अतिक्रमण करने वालों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन समय-समय पर ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण जारी रखेगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे नहीं चलेंगे। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे भविष्य में अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगेगी।