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    कठुआ में वाहनों की फिटनेस बंद, अब 40 KM का सफर तय कर जम्मू-सांबा दौड़, ट्रांसपोर्टरों का सवाल- 'क्यों भुगतें हम?'

    By Ajay Kumar Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Thu, 16 Jul 2026 03:16 PM (GMT+05:30)

    कठुआ में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया बंद होने से वाहन मालिकों को अब 40 किलोमीटर दूर सांबा या जम्मू जाना पड़ रहा है। इस फैसले से ट्रांसपोर्टरों में भारी ...और पढ़ें

    कठुआ में वाहन फिटनेस बंद होने से ट्रांसपोर्टरों में गुस्सा।

    कठुआ में वाहन फिटनेस बंद होने से ट्रांसपोर्टरों में गुस्सा

    HighLights

    1. कठुआ में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया अब पूरी तरह बंद।

    2. वाहन मालिकों को फिटनेस के लिए सांबा या जम्मू जाना होगा।

    3. ट्रांसपोर्टरों ने इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।

    जागरण टीम, कठुआ। परिवहन विभाग के आदेश पर कठुआ में वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया बंद कर दी गई है। अब वाहन मालिकों को फिटनेस जांच के लिए कम से कम 40 किलोमीटर दूर सांबा के विजयपुर या जम्मू के सयोड़ा स्थित निजी आटोमेटिक फिटनेस सेंटर जाना होगा। नए नियमों के अनुसार, वाहनों की फिटनेस आटोमेटिक मशीनों से कराना अनिवार्य है, जो कि कठुआ में उपलब्ध नहीं हैं।

    यह व्यवस्था पिछले वर्ष अक्टूबर से लागू होनी थी, लेकिन छूट मिलती रही। अब तक कठुआ में पुराने तरीके से फिटनेस जांच होती थी, जिसमें विभाग के कर्मचारी और तकनीशियन शामिल होते थे।

    इस नई व्यवस्था के कारण कठुआ जिले के वाहन चालकों में भारी रोष देखा जा रहा है, विशेषकर ट्रांसपोर्टरों के बीच। उन्होंने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कठुआ से बनी, बसोहली, बिलावर जैसे इलाकों की दूरी 70 से 80 किलोमीटर है। ऐसे में वे जम्मू जाने के लिए अतिरिक्त 20 से 30 किलोमीटर क्यों जाएंगे?

    फिटनेस के लिए अब सांबा या जम्मू जाना पड़ेगा

    कठुआ में हर हफ्ते मंगलवार को वाहनों की फिटनेस जांच होती थी, जिसमें औसतन 70 वाहन पहुंचते थे। इस तरह हर महीने लगभग 300 वाहन जांच के लिए आते थे, जिन्हें अब सांबा या जम्मू जाना पड़ेगा।

    ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार आरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना होगा, अन्यथा वे बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि फिटनेस जांच के लिए सांबा जाने से अतिरिक्त डीजल खर्च होगा और समय की बर्बादी होगी, जिससे छोटे ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

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    अब यह देखना होगा कि ट्रांसपोर्टरों के विरोध के बाद प्रशासन अपने निर्णय पर पुनर्विचार करता है या वाहन मालिकों को सांबा जाकर ही फिटनेस जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टरों ने कठुआ के सभी विधायकों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिले में छह विधानसभा हल्के हैं। छह विधायक हैं।

    लाखों वाहन चालक इससे प्रभावित होंगे

    उनके संज्ञान में भी यह बात लात गई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। जिले में लोगों से जुड़ी इतनी बड़ी व्यवस्था बंद हो गई और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। कठुआ जिले के लाखों वाहन चालक इससे प्रभावित होंगे। जिसकी किसी को फिक्र नहीं है। खासकर 3 पहिया वाहन चालक कैसे जाएंगे। यह भी कहा कि पहले ही वे लोग वर्ष में दो बार फिटनेस जांच कराते थे। जिसके लिए काफी समय व्यवर्थ जाता था। अब कठुआ से बाहर जाने से नुकसान होगा।

    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) सुरेंद्र शर्मा ने विभाग के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह बदलाव व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने बताया कि सांबा में अत्याधुनिक स्वचालित वाहन फिटनेस सेंटर उपलब्ध है, जहां वाहनों की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की जाती है। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था आवश्यक है और सभी कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच अब वहीं कराई जाएगी।

    कठुआ में निजी सेंटर खोलने का प्रस्ताव, अब तक मंजूरी नहीं

    कठुआ में एक फर्म ने निजी आटोमेटिक फिटनेस सेंटर खोलने का प्रस्ताव परिवहन विभाग को सौंपा है, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। आरटीओ का कहना है कि यदि सेंटर खुलता है, तो इससे लोगों को मदद मिलेगी। फिलहाल, ऐसे किसी सेंटर को खोलने की मंजूरी नहीं है।