बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले! जम्मू-कश्मीर में 27 जुलाई तक सभी स्कूल बंद, नियम तोड़ा तो खैर नहीं
जम्मू-कश्मीर सरकार ने भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 27 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 27 जुलाई 2026 तक स्कूल बंद, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में 27 जुलाई 2026 तक सभी स्कूल बंद।
भारी बारिश, भूस्खलन के कारण अवकाश बढ़ाया गया।
नियम तोड़ने वाले निजी स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, सुंदरबनी। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, जगह-जगह भूस्खलन और बिगड़ते मौसम को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 27 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि इस समय बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं है।
लेकिन इस आदेश के बाद भी कुछ जगहों से शिकायतें आ रही थीं कि कुछ निजी स्कूल चोरी-छुपे खोले जा रहे हैं। इसी को लेकर शिक्षा विभाग अब पूरी तरह सख्त हो गया है। सुंदरबनी जोन के कुछ निजी विद्यालय सरकारी आदेश के बावजूद 21 जुलाई को संचालित किए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त सुंदरबनी रामकेश शर्मा के निर्देश पर जोनल शिक्षा अधिकारी सुंदरबनी अशोक कुमार ने तुरंत कार्रवाई की।
उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। हालांकि निरीक्षण के दौरान कोई भी निजी विद्यालय खुला नहीं पाया गया, लेकिन प्रशासन ने मौके पर ही सख्त संदेश दे दिया।
सभी स्कूल प्रबंधनों को अंतिम चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जोनल शिक्षा अधिकारी ने सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधन समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों का सौ प्रतिशत पालन किया जाए। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में कोई भी सरकारी या निजी विद्यालय 27 जुलाई से पहले खुला पाया गया या छात्रों को बुलाया गया, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ शिक्षा विभाग के नियमों के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन ने की अभिभावकों से अपील
प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधनों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे सरकार के आदेशों का पूरा पालन करें। शिक्षा विभाग ने विशेष तौर पर अभिभावकों से कहा है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई विद्यालय छुट्टियों के दौरान आपके बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो इसकी सूचना तुरंत शिक्षा विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन का रुख साफ है- विद्यार्थियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा और नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी भेदभाव के सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।