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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रजौरी: खेतों में डाले जाने वाले कीटनाशक का 17 मौतों से कनेक्शन? अलर्ट मोड पर प्रशासन; जांच में जुटी मेडिकल टीम

Updated: Fri, 07 Feb 2025 03:37 PM (IST)

बडाल रहस्यमयी मौत मामले में प्रशासन सतर्क हो गया है और अब हर एंगल से इसकी जांच की जा रही है। पूरे जिले से कीटनाशक शाकनाशी और फर्टिलाइजर के 529 सैंपल इ ...और पढ़ें

रजौरी मौत मामले में कीटनाशक, शाकनाशी और फर्टिलाइजर के लिए गए कुल 529 सैंपल
रजौरी मौत मामले में कीटनाशक, शाकनाशी और फर्टिलाइजर के लिए गए कुल 529 सैंपल

HighLights

  1. कुल 257 दुकानों की पहचान सैंपल के लिए की गई
  2. इनमें से 254 दुकानों से सैंपल एकत्रित किए गए

जागरण संवाददाता, राजौरी। रजौरी में रहस्यमयी बीमारी के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही यह रहस्य अभी भी बरकरार है कि आखिर मौतों का कारण क्या है। इस मामले में गहन जांच की जा रही है। इस सबंध में अब जिला उपायुक्त अभिषेक शर्मा द्वारा गठित समर्पित टीमों ने बडाल गांव से संबंधित चल रही जांच के सिलसिले में जिले भर से कीटनाशक, शाकनाशी और फर्टिलाइजर के 529 सैंपल इकट्ठे किए हैं।

कुल 257 दुकानों की पहचान सैंपल के लिए की गई, जिनमें कीटनाशक और शाकनाशी बेचने वाली 60 दुकानें और उर्वरक बेचने वाली 194 दुकानें शामिल हैं। इनमें से 254 दुकानों से सैंपल एकत्रित किए गए।

व्यापक अभियान के दौरान  कुल 529 सैंपल लिए गए 

व्यापक अभियान के दौरान कुल 529 सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें कीटनाशक और शाकनाशी के 293 सैंपल और उर्वरक के 236 सैंपल शामिल हैं। इनको जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके परिणाम बडाल गांव से संबंधित जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं टीमों ने जिन दुकानों से सैंपल लिए है उन्हें रिपोर्ट आने तक सील कर दिया गया है। अब सभी नमुनों की रिपोर्ट आने के बाद ही इन दुकानों को खोलने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी जाएगी।

संपूर्ण अभ्यास अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) डॉ. राज कुमार थापा की निगरानी में कार्यकारी मजिस्ट्रेट, पुलिस, स्वास्थ्य और कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया।

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सीबीआई जांच की उठी मांग

गृह मंत्रालय की भी अंतर विभागीय टीम के 16 सदस्यों ने तीन दिन तक मृतकों के घरों से लेकर गांव से सैंपल जुटाए, लेकिन एक भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। अब बुद्धल विधानसभा क्षेत्र के विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने सीबीआई जांच की मांग की है।

दरअसल सात दिसंबर को बडाल निवास फजल हुसैन की मौत हो गई थी तो उस समय कहा गया था कि फजल के घर में बेटी की शादी थी और उसमें बचा हुआ खाना-खाने से फजल की मौत हो गई, लेकिन चंद दिनों में इनके चार बच्चों की भी मौत हो गई और पत्नी गंभीर रूप से बीमार हो गई। इसके बाद दो अन्य परिवारों के सदस्य भी बीमार हो गए।

अब तक मौत के कारणों का नहीं चला पता

कुल मिलाकर 17 लोगों की मौत हो गई, लेकिन मौतों के कारणों के बारे में पता नहीं चल पाया। देशभर से विभिन्न संस्थानों की टीमें भी गांव पहुंची और प्रभावित गांव उसके आसपास के क्षेत्रों का गहन अध्ययन किया और सैंपल लेकर लौट गई। मामले में जहर की बात सामने पर एसएसपी राजौरी ने भी एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया, लेकिन यह टीम भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

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