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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Amarnath Yatra का आंकड़ा 2.50 लाख के पार, यात्रा स्थगित, भूस्खलन से क्षतिग्रस्त मार्ग पर मरम्मत कार्य जारी

Published: Thu, 17 Jul 2025 03:53 PM (IST)

श्री अमरनाथ यात्रा में अब तक 2.5 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। खराब मौसम और भूस्खलन के ...और पढ़ें

मौसम में सुधार के बाद यात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
मौसम में सुधार के बाद यात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

राज्य ब्यूरो,जागरण, श्रीनगर। समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अमरेश्वर धाम में विराजमान हिमलिंग स्वरूप भगवान शंकर के गुरूवार की दोपहर तक पांच हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने के साथ ही इस वर्ष श्री अमरनाथ जी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2.50 लाख का आंकड़ा पार कर गई।

आज इस तीर्थयात्रा का 15वां दिन था। अलबत्ता आज सुबह जम्मू, पहलगाम और बालटाल से किसी भी श्रद्धालु को पवित्र गुफा के लिए रवाना होने की अनुमति नहीं दी गई। कारण-भूस्खलन और बारिश के कारण बालटाल और चंदनबाड़ी से आगे खराब हुए यात्रा मार्ग की मुरम्मत की जा रही है।

अलबत्ता, आज जिन श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, यह सभी गत शाम से यात्रा माग्र पर विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रोके गए थे और आज सुबह मौसम के आंशिक सुधार के बाद यह पवित्र गुफा पर पहुंचे।

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इस बीच, सेना ने यात्रा मार्ग पर रेलपथरी और बरारीमर्ग में फंसे लगभग 3500 श्रद्धालुओं को निकटवर्ती सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यह यात्री खराब मौसम के कारण आगे नही बढ़ पा रहे थे और इनमें से कई बारिश व ठंड में लगातार खड़े रहने से बीमार भी हो गए। इन सभी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की गई।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह बालटाल और पहलगाम के रास्ते किसी भी श्रद्धालु को पवित्र गुफा की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई। आज यत्रा को आधार शिविरों से स्थगित रखा गया, क्योंकि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों मार्गों पर पटरियों पर मरम्मत कार्य करना आवश्यक हो गया है।

सीमा सड़क संगठन अपने दल बल समेत दोनों मार्गाें के क्षतिग्रस्त हिस्सों की युद्धस्तर पर मुरम्मत मे जुटा हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को यात्रा फिर से सुचारू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार की रात को कई श्रद्धालु पंजतरणी शिविर में पहुंच गए थे। उन्हें मौसम में सुधार को देखते हुए आज सुबह पवित्र गुफा की तरफ जाने दिया गया।

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पंजतरणी और पवित्र गुफा के बीच मौसम में सुधार है और यात्रा मार्ग भी श्रद्धालुओं के आवागमन योग्य है,लेकिन पंजतरणी से बालटाल और पंजतरणी से चंदनवाड़ी तक विभिन्न स्थानों पर यात्रा मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है। कई श्रद्धालु जो बीती शाम पवित्र गुफा में भगवान शंकर के दर्शन करने बाद पंजतरणी में आकर रुके थे, उन्हें भी आज बीआरओ और पर्वतीय बचाव दलों की पर्याप्त तैनाती के तहत बालटाल की ओर जाने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने बताया कि आज दोपहर तक 5,110 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में हिमलिंग स्वरूप में विराजमान भगवान शंकर के पवित्र दर्शन किए हैं। उन्होंने बताया कि तीन जुलाई केा शुरु हुई श्री अमरेश्वर धाम की वार्षिक तीर्थयात्रा के पहले 15 दिनो में पवित्र गुफा के दर्शन करने वाले यात्रियों की कुल संख्या 2.51 लाख तक पहुंच गई है।इससे पूर्व गत बुधवार की शाम सात बजे तक 247213 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए थे। 

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