अमरनाथ यात्रा अंतिम पड़ाव पर, शंकराचार्य मंदिर पहुंची छड़ी मुबारक, 28 अगस्त को पवित्र गुफा में होगी पूजा
अमरनाथ यात्रा अपने अंतिम चरण में है, जहां पवित्र छड़ी मुबारक श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर पहुंची और विशेष पूजा-अर्चना की ...और पढ़ें

पवित्र छड़ी मुबारक की शंकराचार्य मंदिर में की गई विशेष पूजा। (फ़ोटो: साहिल मीर, जागरण)
HighLights
पवित्र छड़ी मुबारक शंकराचार्य मंदिर पहुंची, विशेष पूजा हुई।
महंत दीपेंद्र गिरि ने छड़ी की अगुवाई की, शांति प्रार्थना।
28 अगस्त को पवित्र गुफा में अंतिम पूजा होगी।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। कश्मीर में 57 दिनों से चल रही अमरनाथ यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। आज यानी बुधवार को भगवान शिव का प्रतीक मानी जाने वाली पवित्र छड़ी मुबारक को श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर ले जाया गया।
छड़ी की अगुवाई महंत दीपेंद्र गिरि ने की। 'हरियाली अमावस्या' के मौके पर खास पूजा-अर्चना की गई। फिर लाल चौक के पास दशनामी अखाड़े से शहर के डलगेट इलाके में स्थित गोपाद्री पहाड़ी पर शंकराचार्य मंदिर तक ले जाया गया।
सदियों पुराने रीति-रिवाजों से हुआ पूजन
महंत गिरि ने कहा कि पूजन सदियों पुराने रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया, जिसमें हवा वैदिक मंत्रों के जाप से गूंज रही थी। उन्होंने कहा कि छड़ी मुबारक के साथ आए साधु (पुजारी) भी रस्मों में शामिल हुए. सभी ने जम्मू-कश्मीर में शांति और खुशहाली के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
13 अगस्त को शारिका भवानी मंदिर जाएगी छड़ी
तय कार्यक्रम के अनुसार, पवित्र छड़ी को वीरवार 13 अगस्त को हरि पर्वत पर 'शारिका भवानी मंदिर' ले जाया जाएगा। जहां देवी का आशीर्वाद लिया जाएगा।
28 अगस्त को पवित्र गुफा पहुंचेगी छड़ी मुबारक
बताते चलें कि छड़ी मुबारक 28 अगस्त को पवित्र गुफा पहुंचेगी। जहां इसकी अंतिम पूजा की जाएगी। पवित्र गुफा पहुंचाने से पहले पवित्र छड़ी की आखिरी यात्रा पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी में रात के ठहराव के साथ शुरू होगी।
पूजा के बाद पहलगाम में लिद्दर नदी में छड़ी के विसर्जन के साथ ही श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा संपन्न होगी।
