यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Anantnag Encounter: मनोज सिन्हा बोले- आतंकियों के सरपरस्तों को चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत, सूद समेत लेंगे हिसाब
Anantnag Encounter उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को शांत सुरक्षित खुशहाल और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना ही हमारा लक्ष्य है। यहां पहले विकास और सरकारी यो ...और पढ़ें

HighLights
- जवानों ने सर्वोच्च बलिदान देकर हमेशा देश की एकता अखंडता की रक्षा की: सिन्हा
- मैं उनके बलिदान को नमन करता हूं: सिन्हा
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को अनंतनाग के गडोल में आतंकी मुठभेड़ में बलिदान सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर पूरा भरोसा है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि जवानों के खून के एक-एक कतरे का पूरा हिसाब सूद समेत लिया जाएगा।
हमारे जवानों ने सर्वोच्च बलिदान देकर हमेशा देश की एकता अखंडता की रक्षा की है। मैं उनके बलिदान को नमन करता हूं। आतंकियों और उनके सरपरस्तों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

80 प्रतिशत जनता कहेगी कि यही व्यवस्था चलती रहे
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को शांत, सुरक्षित, खुशहाल और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना ही हमारा लक्ष्य है। यहां पहले विकास और सरकारी योजनाओं पर चंद लोगों का एकाधिकार था, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। यह कुछ लोगों ने जम्मू कश्मीर के लोगों को मुख्यधारा के विकास से दूर रखा, लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा।
हमने इन तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की है। हम विध्वंसक ताकतों के ताबूत में आखिरी कील ठोकेंगे। यहां लोकतंत्र को हम मजबूत बना रहे हैं। हकीकत यही है कि 80 प्रतिशत जनता कहेगी कि मौजूदा व्यवस्था ठीक है और यही चलती रहे। कुछ लोग हैं, जिन्हें दर्द है और उनका दर्द चलना चाहिए।
अक्टूबर, 2024 तक पूरी हो ट्रांजिट आवासीय योजना
उपराज्यपाल ने बडगाम में प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत नौकरी प्राप्त करने वाले विस्थापित कश्मीर हिंदू कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट आवासीय सुविधा को अक्टूबर, 2024 तक पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
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पर्यटन की संभावनाओं के दोहन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने और निजी निवेशकों के लिए सभी संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने बडगाम में पुरुष-महिला साक्षरता दर को बढ़ाने, सभी क्षेत्रों में सहकारितों के अवसर तलाशने, कृषक उत्पादक संघ प्रोत्साहित करने और गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले समारोहों में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।