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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'PoK तो लाएंगे, चीन के कब्जे वाले हिस्से भी तो लाइए'; विदेश मंत्री के बयान पर और क्या बोले CM उमर अब्दुल्ला

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 06:33 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के पीओके वाले बयान पर कहा कि चीन के कब्जे वाले हिस्से पर क्यों नहीं बात करते। वो भ ...और पढ़ें

    सदन में जवाब देते जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फोटो जागरण
    सदन में जवाब देते जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। फोटो जागरण

    एएनआई, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के पीओके वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बोले हैं कि वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(PoK) वापस लाएंगे। तो क्या हमने उन्हें कभी रोका है?

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पीओके वापस लाना है तो लाइए, लेकिन जब आप जम्मू-कश्मीर का मानचित्र देखते हैं तो उसमें हमारा एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है, लेकिन दूसरा हिस्सा चीन के पास भी है, कोई इस बारे में बात क्यों नहीं करता?

    मुख्यमंत्री ने सदन में बोलते हुए कहा कि आप पीओके को लाना चाहते हैं तो बेशक लाइए, किसी ने आपको रोका नहीं है, लेकिन चीन के पास जो हिस्सा है उसे भी मेहरबानी करके ले आइए। उसकी बात आप क्यों नहीं करते हैं।

    बुंगस घाटी बनेगा अनोखा पर्यटन स्थल

    वहीं, दूसरी तरफ सीएम उमर अब्दुल्ला ने घोषणा करते हुए कहा कि कुपवाड़ा जिले में बुंगस घाटी को एक अनोखे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए कुल 72 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

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    एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि 2024-25 के लिए योजना के लिए स्वीकृत आवंटन 30 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगस को एक अनोखे पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने 72 लाख रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया है।

    क्षेत्र को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने का लक्ष्य

    उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा भूखंडों की पहचान करने के बाद वन मंजूरी के लिए परिवेश पोर्टल के माध्यम से अनुमति और एनओसी मांगे जाएंगे। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए बड़ी इमारतों और होटलों के निर्माण से बचने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र को एक इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करना है।

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