यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अफसोस! पूर्व PM मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी...', CM उमर अब्दुल्ला ने उठाया नवयुग टनल का मुद्दा, जताई ये बड़ी इच्छा
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर-जम्मू राष ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर काजीगुंड को बनिहाल से जोड़ने वाली नवयुग टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाना चाहिए। श्रीनगर में आज रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर के लिए बहुत कुछ किया है।
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर लेन का काम डॉ. मनमोहन सिंह के शासनकाल में शुरू हुआ था। आज जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी 5 घंटे में तय की जा सकती है और यह उनका योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवयुग टनल का नाम बदलकर डॉ. मनमोहन सिंह टनल करना चाहिए।
'जम्मू-कश्मीर के प्रति उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा'
राजमार्ग पर नए टनल का श्रेय किसी और को लेने दें, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को विकसित करने की प्रक्रिया दिवंगत प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गई थी। मुख्यमंत्री ने डॉ. मनमोहन सिंह को एक सच्चे राजनेता के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि उनका जम्मू-कश्मीर के प्रति योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनमोहन सिंह के समय ही कश्मीर में गोलमेज कांफ्रेंस हुई थी। वार्ताकारों को नियुक्त किया गया था। क्रास एलओसी व्यापार शुरू किया गया था। जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई थी।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाए गए थे और जम्मू कश्मीर के लोगों के कल्याण के लिए कई और कदम उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने कभी भी अपनी उपलब्धियां के बारे में नहीं बोला लेकिन वह जमीन से जुड़े सच्चे नेता थे।
बर्फबारी के बाद सीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक
बता दें कि जम्मू कश्मीर में बर्फबारी के बाद बने हालात में आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठकर कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सार्वजनिक शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहे और लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने कश्मीर डिवीजन के विधायकों और डिप्टी कमिश्नर के साथ एक बैठक की।

