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जम्मू-कश्मीर: गांदरबल में लंपी वायरस का कहर, 20 मवेशियों की मौत; 350 से अधिक प्रभावित

Published: Fri, 04 Sep 2026 07:22 PM (IST)

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में 350 से अधिक मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण मिले हैं, जिससे पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है।

गांदरबल में लंपी वायरस ने बढ़ाई पशुपालकों की चिंता।

गांदरबल में लंपी वायरस ने बढ़ाई पशुपालकों की चिंता।

HighLights

  1. गांदरबल में 350 से अधिक मवेशियों में लंपी के लक्षण

  2. स्थानीय लोगों के अनुसार 20 मवेशियों की संदिग्ध मौत

  3. पशुपालन विभाग की टीमें जांच और रोकथाम में जुटीं

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में एक बार फिर लंपी स्किन डिजीज की आहट से पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। जिले के शालाबुग-शेरपथरी इलाके के कई गांवों में 350 से अधिक मवेशियों में लंपी वायरस जैसे लक्षण मिलने की खबर के बाद से पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस संदिग्ध बीमारी से अब तक करीब 20 मवेशियों की मौत भी हो चुकी है हालांकि इन आंकड़ों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

शालाबुग के रहने वाले बिलाल ने बताया कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में गायों के शरीर पर गांठें, बुखार और सूजन जैसे लक्षण दिख रहे हैं, जो लंपी स्किन डिजीज से मिलते-जुलते हैं। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते यह संख्या 350 के पार पहुंच गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पिछले प्रकोप के दौरान सभी मवेशियों का टीकाकरण किया गया था। वैक्सीन लगने के बावजूद बीमारी का दोबारा आना कई सवाल उठा रहा है। इस पुनरावृत्ति ने पशुपालकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि कश्मीर में पहले भी लंपी बीमारी से भारी नुकसान हो चुका है। इरफान ने बताया कि दूध उत्पादन से ही कई परिवारों का गुजारा चलता है और पशुओं के बीमार पड़ने से उनकी आजीविका पर सीधा संकट आ गया है।

मौके पर पहुंची पशुपालन विभाग की टीमें

मामले को गंभीरता से लेते हुए पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है। विभाग की विशेष टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी गई हैं, जो घर-घर जाकर बीमार मवेशियों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि टीमों का मुख्य काम यह पता लगाना है कि यह वास्तव में लंपी स्किन डिजीज ही है या कोई और संक्रमण, बीमारी का फैलाव कितना है और मौतों के दावों में कितनी सच्चाई है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की रोकथाम और इलाज की रणनीति तय की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत बड़े पैमाने पर सर्विलांस, मेडिकल कैंप और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू किया जाए।

जानिए क्या है लंपी स्किन डिजीज

लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। इसमें पशु को तेज बुखार आता है और उसकी पूरी चमड़ी पर कठोर गांठें या फोड़े निकल आते हैं। भूख कम लगना, पैरों और थनों में सूजन, कमजोरी और दूध उत्पादन में भारी गिरावट इसके प्रमुख लक्षण हैं।

यह बीमारी मच्छर, मक्खी और चींचड़ जैसे खून चूसने वाले कीड़ों के काटने से एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैलती है। राहत की बात यह है कि यह बीमारी इंसानों में नहीं फैलती, लेकिन पशुपालकों के लिए यह भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।