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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ganderbal Terror Attack: मेस में खाना खा रहे थे श्रमिक, तभी घुसे आंतकी और 3 मिनट तक बरसाते रहे गोलियां

    Updated: Mon, 21 Oct 2024 09:33 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में आतंकियों ने एक परियोजना के शिविर पर हमला कर दिया जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए। मृतकों में तीन बिहार एक ...और पढ़ें

    Ganderbal Terror Attack: मेस में खाना खाने जमा हुए थे श्रमिक, तभी आंतकियों ने कर दी फायरिंग।
    Ganderbal Terror Attack: मेस में खाना खाने जमा हुए थे श्रमिक, तभी आंतकियों ने कर दी फायरिंग।

    HighLights

    1. सरकार के गठन के पांच दिन के भीतर दूसरी बार आतंकियों ने अन्य राज्य के लोगों पर किया हमला।
    2. अंधेरे का लाभ उठाकर पास सटे जंगल में भागे आतंकी, जाते समय दो वाहनों को आग लगा गए।
    3. डीजीपी नलिन सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन के पांच दिन के भीतर आतंकियों ने रविवार को दूसरी बार अन्य राज्यों के लोगों को निशाना बनाया।

    श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजि ला की तलहटी में स्थित सोनमर्ग में देर शाम आतंकियों ने सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जेड मोड़ सुरंग परियोजना के शिविर पर घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

    हमले में एक डाक्टर समेत सात लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हुए। इनमें तीन मृतक बिहार के, एक मध्य प्रदेश, एक पंजाब और दो जम्मू व कश्मीर के हैं।

    स्वचालित हथियारों से शुरू की फायरिंग

    यह हमला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल में हुआ है। जिस शिविर पर हमला हुआ है, वह जेड मोड़ सुरंग के पश्चिमी मुहाने पर सिंध नाले के पास है।

    परियोजना में कार्यरत श्रमिक और अधिकारी रात आठ बजे अपनी मैस में खाना खाने के लिए जमा हो रहे थे, उसी समय परिसर के बाहरी हिस्से में आतंकी घुस आए। कुछ लोग खाना रहे थे। उन्होंने स्वचालित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। तीन मिनट तक गोलियां बरसाते रहे।

    आठ से 10 लोग खून से लथपथ होकर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर पास के शिविरों से सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के जवान पहुंच गए। सुरक्षाबलों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो की मौके पर मौत हो चुकी थी। पांच अन्यों ने अस्पताल में दम तोड़ा।

    फोन कर दी जानकारी

    आतंकियों के भागने के बाद शिविर में मौजूद लोगों ने फोन पर अपने अधिकारियों और निकटवर्ती सुरक्षा शिविरों में सूचित किया। सुरक्षाबलों के पहुंचने से पहले ही आतंकी वहां से निकल भागे थे। सुरक्षाबलों ने घायल पड़े लोगों को शिविर में मौजूद अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

    कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक वीके बिरदी ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि सुरंग निर्माण में शामिल एक निजी कंपनी के श्रमिकों के शिविर पर हमला हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस जगह यह शिविर है, वहां पास में घना जंगल भी है।

    खबरें और भी

    सोनमर्ग में एक परियोजना के शिविर में रात को कायरतापूर्ण आतंकी हमले की खबर बहुत दुखद है। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं।

    -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर

    आतंकवाद के ऐसे कृत्यों से सख्ती से निपटा जाएगा। आतंकरोधी अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। वह लोगों को आश्वासन देते हैं कि इस घृणित कृत्य के पीछे के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। पूरा देश उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। कुछ तत्व हालात बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं।

    - मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

    इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बल उन्हें कठोरतम जवाब देंगे। इस अत्यंत दुःख की घड़ी में मैं मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

    -अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री