विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कश्मीर में सजेगा विश्व सिनेमा का मंच, 41 देशों की 135 फिल्में होंगी प्रदर्शित; 96 लाख के पुरस्कारों का एलान

Updated: Fri, 28 Aug 2026 10:40 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर 7-10 सितंबर तक अपने पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की मेजबानी करेगा, जिसमें 41 देशों की 135 फिल्में दिखाई जाएंगी।

यह तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. 7-10 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में पहला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव।

  2. 41 देशों की 135 फिल्में और 96 लाख रुपये के पुरस्कार।

  3. डल झील पर फ्लोटिंग स्क्रीन और मास्टरक्लास होंगे मुख्य आकर्षण।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पहली बार अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के बड़े मंच की मेजबानी करने जा रहा है। सात से 10 सितंबर तक होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ जम्मू-कश्मीर (आइएफएफजेेके) में 41 देशों की 135 फिल्में प्रदर्शित होंगी।

चार दिवसीय महोत्सव में दुनिया भर की चुनिंदा फिल्मों के साथ नामी फिल्मकारों की मास्टरक्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जबकि नौ श्रेणियों में कुल 96 लाख रुपये की पुरस्कार राशि फिल्मकारों, कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन श्रीनगर के एसकेआईसीसी, गुलमर्ग और जम्मू में किया जाएगा।

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने गुरुवार को सिविल सचिवालय में महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ आयोजन की व्यवस्थाएं उच्च पेशेवर स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में आयोजन स्थलों, प्रतिभागियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रचार, सुरक्षा, परिवहन, आतिथ्य और प्रोटोकाल सहित विभिन्न तैयारियों का जायजा लिया गया। मंडलीय और जिला प्रशासन को भी आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) से देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्मकारों, अभिनेताओं और फिल्म उद्योग की प्रमुख हस्तियों को महोत्सव में लाने के लिए विशेष प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आइएफएफजेेके को आगे वार्षिक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में विकसित करने की योजना है, इसलिए पहले संस्करण से ही आयोजन, कार्यक्रमों की गुणवत्ता और दर्शकों की भागीदारी के उच्च मानक स्थापित किए जाने चाहिए।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक श्रेया सिंघल ने बताया कि चयनित 135 फिल्मों में भारत की 64 फिल्में हैं। फ्रांस की 13 और ईरान की आठ फिल्में भी शामिल हैं।

अर्जेंटीना और स्पेन की चार-चार तथा ब्राजील, जर्मनी, रूसी संघ और अमेरिका की तीन-तीन फिल्में प्रदर्शित होंगी। दक्षिण कोरिया, स्वीडन, ताइवान, कतर, कोलंबिया और तुर्किये समेत कई अन्य देशों की फिल्मों को भी महोत्सव में जगह मिली है।

नौ श्रेणियों में 96 लाख रुपये की इनामी राशि

महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म को 25 लाख रुपये का सर्वोच्च पुरस्कार मिलेगा। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म के निर्देशक को 15-15 लाख रुपये दिए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर की फिल्मों के लिए ‘बेस्ट फिल्म–जेएंडके सिलेक्ट’ श्रेणी में 10 लाख रुपये का पुरस्कार रखा गया है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री को आठ-आठ लाख रुपये, जबकि सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन और एडिटिंग के लिए पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। पुरस्कारों का उद्देश्य फिल्म निर्माण के रचनात्मक और तकनीकी पक्षों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।

डल झील पर फ्लोटिंग स्क्रीन बनेगी खास आकर्षण

आइएफएफजेेके के दौरान एसकेआईसीसी के निकट डल झील में फ्लोटिंग स्क्रीन स्थापित की जाएगी। झील के बीच फिल्म प्रदर्शन के साथ बाहर से आने वाले फिल्मकारों और प्रतिनिधियों को जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने की योजना है।

तीन दिवसीय मास्टरक्लास में निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा, संपादक नम्रता राव, साउंड डिजाइनर बायलोन फोंसेका, एनएसडी से जुड़े चित्रंजन त्रिपाठी, आइडीपीए के सुप्रियो सेन और अनिल मेहता समेत फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियां प्रतिभागियों से संवाद करेंगी। छात्रों और सिनेमा प्रेमियों के लिए कैनन की ओर से कैमरा उपकरणों और नई तकनीक पर कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।

उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय व स्थानीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों के अनुसार, आइएफएफजेेके स्थानीय फिल्मकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच देने के साथ जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र में मजबूत सिनेमाई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में अहम कदम होगा।