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'12 का वादा, 6 क्यों?' मुफ्त गैस सिलिंडर पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भारी हंगामा, भाजपा ने सरकार को घेरा

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:27 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को सालाना छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की मंजूरी दी है। इस घोषणा ...और पढ़ें

सुनील शर्मा ने 12 सिलेंडरों के पुराने चुनावी वादे का मुद्दा उठाया। फोटो- साहिल मीर

सुनील शर्मा ने 12 सिलेंडरों के पुराने चुनावी वादे का मुद्दा उठाया। फोटो- साहिल मीर

HighLights

  1. सरकार ने AAY परिवारों को 6 मुफ्त LPG सिलेंडर मंजूर किए।

  2. विपक्ष ने 12 सिलेंडरों के पुराने चुनावी वादे पर सवाल उठाए।

  3. विधानसभा में तीखी नोकझोंक और नारेबाजी से हंगामा हुआ।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को सालाना छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दे दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने आज वीरवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि योजना को लागू करने के लिए जरूरी आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार लाभ आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए दिए जाने का प्रस्ताव है और इसके कार्यान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया तैयार की जा रही है। मंत्री की इस घोषणा के बाद ही यह मुद्दा अचानक सियासी टकराव का केंद्र बन गया। नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने उमर सरकार पर पुराने चुनावी वादे को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान 12 मुफ्त एलपीजी सिलेंडरों का वादा किया गया था, जबकि अब लाभ को छह सिलेंडरों और केवल एएवाइ परिवारों तक सीमित किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि पहले किए गए वादे का क्या हुआ और गरीब परिवारों को वास्तविक लाभ कब मिलेगा।

6 मुफ्त सिलेंडर को लेकर सदन में हंगामा

भाजपा सदस्यों ने इस मुद्दे पर सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने '6 सिलेंडर कहां गए' और 'सिलेंडर चोर, हाय-हाय' के नारे लगाए। विपक्ष के नेता ने दावा किया कि लोगों को ये छह मुफ्त सिलेंडर भी नहीं दिए जाएंगे। 'यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ धोखा है। आप ये छह सिलेंडर कब देंगे? पिछले 24 सिलेंडर कहां गए?'

भाजपा सदस्य विरोध करते रहे जबकि नेकां विधायकों ने भी नारेबाज़ी करके उनका जवाब दिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया।

भाजपा विधायकों की ओर से सरकार पर वादों से पीछे हटने के लगातार आरोप लगाए गए जबकि इन टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और कुछ समय के लिए विधानसभा की कार्यवाही का माहौल पूरी तरह हंगामेदार हो गया।

रोजगार-मुफ्त बिजली से जुड़े वादों पर भी उठाए सवाल

सुनील शर्मा ने एलपीजी के साथ-साथ सरकार के एक लाख रोजगार और 200 यूनिट मुफ्त बिजली से जुड़े वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से इन घोषणाओं की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विपक्ष की लगातार नारेबाजी और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया के बीच विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने हस्तक्षेप कर सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। अंततः स्पीकर के बार-बार दखल देने और अपील करने के बाद ही सदन में हालात सामान्य हो पाए।