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क्या जम्मू-कश्मीर में राशन दुकानों का बदलेगा सिस्टम? नई FPS से पुरानी दुकानों तक पर नजर; दूरदराज इलाकों पर भी फोकस

Published: Tue, 22 Sep 2026 05:51 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर में उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के नेटवर्क की समीक्षा की जा रही है, जिसमें नई दुकानों की जरूरत और मौजूदा दुकानों के युक्तिकरण पर विचार होगा।

जम्मू-कश्मीर में राशन दुकानों के विस्तार और युक्तिकरण की समीक्षा। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में राशन दुकानों के विस्तार और युक्तिकरण की समीक्षा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर में राशन दुकानों के नेटवर्क की समीक्षा जारी है।

  2. आर्थिक व्यवहार्यता और भौगोलिक पहुंच मुख्य आधार होंगे।

  3. दूरदराज क्षेत्रों में कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के नेटवर्क की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। सरकार नई राशन दुकानों की जरूरत का आकलन करने के साथ मौजूदा दुकानों के युक्तिकरण पर भी विचार कर रही है। इसके लिए दुकानों की आर्थिक व्यवहार्यता, उनसे जुड़े राशन कार्डों की संख्या, भौगोलिक पहुंच और दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त कवरेज को आधार बनाया जाएगा।

नई दुकानों के प्रस्तावों में एफपीएस डीलरों की सुनिश्चित आय, ई-पॉस मशीन, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और आधार प्रमाणीकरण जैसे तकनीकी मानकों के अनुपालन को भी अहम माना जाएगा। यह जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले समेत संबंधित विभागों के मंत्री सतीश शर्मा ने विधानसभा में विधायक हसनैन मसूदी के सवाल के जवाब में दी।

एफपीएस डीलरों की आय सुनिश्चित करने पर जोर

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की सार्थक-पीडीएस अंब्रेला योजना के तहत राशन के परिवहन और हैंडलिंग, उचित मूल्य दुकान डीलरों के मार्जिन तथा स्मार्ट-पीडीएस से जुड़े तकनीकी सुधारों के लिए सहायता का प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत परिवहन, हैंडलिंग और एफपीएस डीलरों की सुनिश्चित आय के लिए केंद्र सहायता के संशोधित मानदंड तय किए गए हैं। सरकार के अनुसार इससे उचित मूल्य की दुकानों की आर्थिक व्यवहार्यता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

नई दुकानों के लिए आर्थिक व्यवहार्यता और कवरेज बनेगा आधार

सतीश शर्मा के अनुसार जम्मू-कश्मीर में नई उचित मूल्य की दुकानें खोलने के प्रस्तावों का मूल्यांकन सुनिश्चित आय मॉडल के तहत किया जाएगा। इसमें उन दुकानों की जरूरत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां मौजूदा एफपीएस पर अधिक संख्या में राशन कार्ड जुड़े हैं। साथ ही दूरदराज, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में पर्याप्त राशन कवरेज सुनिश्चित करने को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

मौजूदा एफपीएस के युक्तिकरण में भी आर्थिक व्यवहार्यता, लाभार्थियों और राशन कार्डों की संख्या तथा भौगोलिक पहुंच जैसे मानकों को देखा जाएगा। उचित मूल्य की दुकानें स्थापित करने के मौजूदा मानदंड 19 जनवरी 2023 को जारी एसओ-41 में निर्धारित किए गए हैं।

बिखरी आबादी वाले इलाकों के लिए मानदंड में छूट पर समिति

विधानसभा में पूरक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि बिखरी हुई आबादी वाले क्षेत्रों में एफपीएस स्थापित करने के मौजूदा मानदंडों में छूट देने के संबंध में एक समिति गठित की जा चुकी है। ऐसे क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखा जाएगा।

पांपोर में सभी क्षेत्र राशन नेटवर्क के दायरे में

पांपोर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बताया कि फिलहाल वहां कोई भी क्षेत्र राशन की दुकान की सुविधा से वंचित नहीं है। क्षेत्र में अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के 2,679 राशन कार्डों से 10,163 लाभार्थी, प्राथमिकता वाले परिवार (पीएचएच) के 15,470 राशन कार्डों से 67,157 लाभार्थी और गैर-प्राथमिकता वाले परिवार (एनपीएचएच) के 9,776 राशन कार्डों से 40,457 लाभार्थी जुड़े हैं।

इस तरह पंपोर में कुल 27,925 राशन कार्डों के 1,17,777 लाभार्थी राशन वितरण व्यवस्था के दायरे में हैं