जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और दुर्गम इलाकों में आज से जनगणना, 1115 गांवों में होगा सर्वे; 30 सितंबर तक चलेगा अभियान
जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जनसंख्या गणना अभियान चलेगा। इस दौरान गणनाकर्मी ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी से पहले पूरा होगा आबादी का आंकड़ा। (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू-कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों में 1 सितंबर से जनगणना अभियान।
1115 गांवों और तीन नगरपालिकाओं में घर-घर गणना।
दुर्गम इलाकों में 30 सितंबर तक चलेगा आबादी का आंकड़ा जुटाना।
राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों में एक माह तक चलने वाला जनसंख्या गणना अभियान मंगलवार, पहली सितंबर से शुरू होगा। अभियान के तहत गणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों और आबादी से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज करेंगे। यह प्रक्रिया केंद्र शासित प्रदेश के 16 जिलों के चिन्हित क्षेत्रों में 30 सितंबर तक चलेगी।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों के जनगणना संचालन निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि बर्फीले क्षेत्रों के साथ पूरे लद्दाख में भी जनसंख्या गणना का यह चरण शुरू किया जा रहा है। शर्मा ऊधमपुर जिले के डुडु और बसंतगढ़ उपमंडलों का दौरा कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
1115 गांव और तीन नगरपालिकाएं शामिल
बर्फीले क्षेत्रों की सूची में जम्मू-कश्मीर के 1115 गांव और तीन नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन क्षेत्रों को ‘स्नो-बाउंड नॉन-सिंक्रोनस एरिया’ के रूप में चिह्नित किया गया है। यहां भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के कारण जनगणना की प्रक्रिया सामान्य क्षेत्रों से अलग समय पर पूरी की जा रही है।
सबसे अधिक 305 गांव/स्थानीय निकाय डोडा जिले में चिह्नित किए गए हैं। इसके बाद किश्तवाड़ में 158, बारामुला में 93, रामबन में 88 और ऊधमपुर में 79 क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा अनंतनाग में 55, कठुआ में 48, कुपवाड़ा और रियासी में 49-49, कुलगाम में 66, पुलवामा और शोपियां में 32-32, बांडीपोरा में 28, पुंछ में 24, गांदरबल में सात और बडगाम में पांच क्षेत्र इस सूची में हैं। इन क्षेत्रों में उड़ी, गुलमर्ग और किश्तवाड़ की नगरपालिकाएं भी शामिल हैं।
31 अगस्त तक चला स्व-गणना चरण
इन चिन्हित इलाकों में जनगणना के दूसरे चरण के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया 17 से 31 अगस्त तक कराई गई। अब इसके बाद गणनाकर्मी सीधे घरों में पहुंचकर विवरणों का सत्यापन और आवश्यक आंकड़े दर्ज करेंगे।
पूरे प्रदेश में जून में पूरा हुआ पहला चरण
जम्मू-कश्मीर के शेष क्षेत्रों में जनगणना का पहला चरण जून में सरकारी स्तर पर पूरा किया जा चुका है। अब बर्फबारी से प्रभावित और मौसमी रूप से अलग रहने वाले क्षेत्रों में निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार जनसंख्या का आंकड़ा जुटाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम और बर्फबारी वाले इलाकों में समय से पहले जनगणना पूरी करना जरूरी है, क्योंकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण इन क्षेत्रों का संपर्क कई बार बाधित हो जाता है। इसी को देखते हुए इन इलाकों के लिए अलग समय-सीमा निर्धारित की गई
