उमर सरकार में कांग्रेस की एंट्री पर ट्विस्ट! 2 मंत्री पद की डिमांड, NC के सामने फंसा पेंच, अब आगे क्या?
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार में शामिल होने को लेकर कांग्रेस ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। पार्टी दो ...और पढ़ें

उमर सरकार में कांग्रेस की एंट्री पर सस्पेंस बरकरार। (फाइल फोटो)
HighLights
कांग्रेस ने मंत्रिमंडल में दो मंत्री पदों की मांग रखी है।
उमर अब्दुल्ला सरकार में शामिल होने पर अंतिम निर्णय नहीं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ बातचीत जारी, समन्वय समिति पर जोर।
राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल होने को लेकर कांग्रेस ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने मंत्रिमंडल में अपने लिए दो मंत्री पद सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा है। यदि दो पद नहीं मिलते हैं तो कांग्रेस अपने एक विधायक के लिए मंत्रिमंडल में प्रभावी स्थान चाहती है। इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही कांग्रेस सरकार में शामिल होने का फैसला करेगी। फिलहाल दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के सहयोगी हैं, लेकिन कांग्रेस फिलहाल सरकार का हिस्सा नहीं है। अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण के समय कांग्रेस ने कथित तौर पर मंत्रिमंडल में दो पदों की मांग की थी। मांग पर सहमति नहीं बनने के बाद कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने से दूरी बना ली थी।
इसके बाद कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल होने तक वह सरकार में शामिल नहीं होगी। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर ‘हमारी रियासत, हमारा हक’ अभियान भी चलाया था। इस अभियान को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच संबंधों में भी खटास देखने को मिली थी।
मंत्रिमंडल का विस्तार करने की तैयारी
अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने की तैयारी में हैं। इस विस्तार में तीन नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की ओर से कांग्रेस को एक मंत्री पद की पेशकश करते हुए सरकार में शामिल होने का न्यौता दिया गया है।
एक मंत्री पद की पेशकश की पुष्टि
कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर मामलों के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से सरकार में शामिल होने और एक मंत्री पद की पेशकश की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर पार्टी के भीतर विचार-विमर्श चल रहा है और अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कांग्रेस सरकार में शामिल होने के खिलाफ नहीं
वहीं, कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर कांग्रेस सरकार में शामिल होने के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह दो मंत्री पद चाहती है। पार्टी दूसरे मंत्री पद को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ बातचीत के लिए तैयार है। यदि नेशनल कॉन्फ्रेंस दूसरे पद की मांग पर सहमत नहीं होती है तो कांग्रेस अपने एक विधायक के लिए उचित राजनीतिक समायोजन चाहती है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर कांग्रेस इकाई गठबंधन में शामिल दोनों दलों के बीच एक समन्वय समिति गठित करने पर भी जोर दे रही है। कांग्रेस का मानना है कि ऐसी समिति के गठन से सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों में पार्टी की भूमिका सुनिश्चित हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ सरकार में शामिल होने को लेकर अपनी शर्तों पर चर्चा कर ली है। अब पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के जवाब का इंतजार कर रही है। माना जा रहा है कि दोनों दलों के बीच सहमति बनने के बाद ही कांग्रेस के सरकार में शामिल होने की तस्वीर साफ होगी।
